यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए जनरथ बस हादसे ने लखनऊ के 13 परिवारों की खुशियां छीन लीं। कई परिवारों ने किसी न किसी अपने को खोया है। हादसे की सूचना मिलते ही गोमतीनगर, चिनहट, काकोरी, कैसरबाग, इंदिरानगर, और मड़ियांव, रकाबगंज, कैंट, सरोजनीनगर में मृतकों के घर में कोहराम मच गया। किसी के घर का इकलौता चिराग बुझ गया तो किसी के घर बेटे को नौकरी मिलने की खुशियां मातम में बदल गईं। कहीं मासूमों के सिर से पिता का साया उठ गया तो कहीं माता-पिता का सहारा छिन गया। बेटों की मौत की खबर से बेहाल और शोकग्रस्त परिवारों को ढांड़स बंधाने वाले रिश्तेदारों व परिचितों का दिनभर आनाजाना लगा रहा।
यमुना एक्सप्रेस-वे हादसाः अरीवा के 'सरप्राइज' ने दिया मां को जिंदगी भर का गम
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रोते हुए दादा को समझाती रही पोती, पापा शाम तक आ जाएंगे
इंदिरानगर के गायत्री मार्केट स्थित सेक्टर-11 में तीन बुजुर्ग बैठे थे। बेटे इख्तकाब की तस्वीर निहारते हुए आफताब कुछ कहने जा रहे कि 10 साल की पोती इश्मत आ गई। आफताब चुप हो गए और साथ बैठे लोगों को चुप रहने का इशारा किया कि बच्ची को कुछ पता नहीं, उससे कुछ न पूछें। बात-बात में बच्ची बोली, पापा सुबह स्कूल की फीस जमा कर, चॉकलेट दिलाकर दिल्ली गए थे। उन्हें चोट आ गई है। इतने में दादा फफक पड़े। बच्ची ने समझाया, दादा रो नहीं, पापा को चोट ही तो लगी है, शाम तक आ जाएंगे।
नौकरी से रिटायर होने के बाद वकालत कर रहे आफताब अहमद का छोटा बेटा इख्तकाब दिल्ली में एक पान मसाला कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर थे। इख्तकाब शनिवार सुबह लखनऊ आए थे। सबसे पहले उन्होंने पत्नी अदिबा को साथ लेकर बेटी इश्मत के मुंशीपुलिया स्थित यूनाइटेड स्कूल में जाकर फीस जमा की। इसके बाद रविवार को पूरा दिन बेटी के साथ बिताया था। रात में उसे चॉकलेट दिलाकर दिल्ली रवाना हुए थे। हादसे की सूचना पर उनके दो भाई आगरा रवाना हो गए थे। सुबह टीवी पर खबर देखी तो उसे फोन करना शुरू किया, लेकिन फोन का कोई जवाब नहीं आया। दोपहर तक मरने वालों की एक लिस्ट आ गई।
कह कर गया था, पहुंचकर फोन करूंगा, पर आई मौत की सूचना
कैसरबाग के ओडियन सिनेमा डॉ. शुजा रोड निवासी व मोटर्स पार्ट्स के व्यापारी मनीष गुप्ता को उनके बेटे आदित्य कश्यप (24) की मौत की सूचना नौकर ने दी। इस पर उन्हें विश्वास नहीं हुआ। जब उनके साले ने हादसे की जानकारी दी तो वे घर में बिना कुछ बताए आगरा रवाना हो गए। मनीष गुप्ता ने बताया कि रविवार को आदित्य दोस्तों संग दिल्ली के लिए निकला था। रात 10.40 पर आदित्य ने बताया था कि बस मिल गई है, अब दिल्ली पहुंचकर कॉल करेगा। सोमवार सुबह नौकर ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसे की जानकारी दी तो बेटे को कॉल की और व्हाट्सएप पर मैसेज किया, लेकिन जवाब नहीं मिला। मनीष के अनुसार, रात करीब 12.53 बजे आदित्य ने आखिरी बार व्हाट्सएप चेक किया था। इस बीच मनीष को उनके साले का फोन आया। पता चला कि हादसे में आदित्य की भी मौत हुई है। माता-पिता की तबीयत खराब होने के चलते वह पत्नी लक्ष्मी व छोटे बेटे हर्ष को बिना कुछ बताए ही आगरा रवाना हो गए।
हादसे में इंदिरानगर सेक्टर-11 के रहने वाले सतीश चंद्र श्रीवास्तव के इकलौते बेटे आकाश (29) की मौत हो गई। बेटे की मौत की सूचना बुजुर्ग पिता को नहीं दी गई। उन्हें बताया गया है कि आकाश हादसे में चोटिल हुआ है। आकाश की दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। आकाश की शादी तय हो चुकी थी। बहनें इसी तैयारी में जुटी थीं। हादसे ने सारे अरमान, सारी खुशियां खत्म कर दीं। आकाश इंटीरियर डिजाइनर था, उसके बुआ के लड़के प्रशांत ने बताया कि सुबह आठ बजे टीवी पर हादसे की खबर सुनी। इस बीच आगरा पुलिस ने हादसे की सूचना दी। परिवार के अन्य लोग आगरा रवाना हो गए। एचएएल से रिटायर्ड पिता सतीश को बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई थी। छोटी बहन आयुषी कॉलेज गई हुई थी। भाई की मौत पर वह आंखों में आंसू लिए घर पहुंची। ससुराल में बड़ी बहन आकांक्षा को हादसे की सूचना मिली तो वह परेशान हो गई।
पिता की मौत के बाद परिवार का सहारा बन चुकी अरीवा मुंबई से आई पर मां से मिले बिना दिल्ली के लिए बस पकड़ ली। वहां उसे इंटरव्यू देना था। संभवत: वह मौजूदा से अच्छी नौकरी मिल जाने की खबर देकर मां को सरप्राइज देना चाहती थी, लेकिन बीच रास्ते खड़ी मौत ने सफर पूरा न होने दिया। बस हादसे का शिकार लखनऊ के रकाबगंज स्थित गौस नगर निवासी अरीवा (22) भी हुई। मां अफरोज जहां ने बताया कि अरीवा ने उन्नाव के कॉलेज से पीजीडीएम का कोर्स किया था। उसके पिता नसीम खान एक कंपनी में नौकरी करते थे। नसीम खान की डेढ़ साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिवार में अरीवा बड़ी और जुड़वा बेटियां अनम, नमीरा के अलावा बेटा तोहीत हैं। अरीवा ने मां से कहा कि वह पिता का फर्ज निभाएगी। मां ने अपनी जमा पूंजी से उसकी पढ़ाई पूरी कराई। अफरोज ने बताया कि शनिवार को बेटी ने फोन पर बात करके कहा कि मां मैं 16 जुलाई को आऊंगी। वह तो नहीं आई, सोमवार सुबह उसकी मौत की खबर मिली।