Yoga For Leg Stiffness : सर्दियों की सुबह ठंडी फर्श पर पहला कदम रखते ही पैरों में खिंचाव, जकड़न और सुन्नपन महसूस होने लगता है। यह सिर्फ उम्र का मसला नहीं है, यह खून के संचार, मांसपेशियों की जकड़न और कम शारीरिक गतिविधि का सीधा असर है। इस मौसम में पैरों में सूजन या जकड़न होना सामान्य है। लोग इस समस्या से राहत पाने के लिए दवाइयों का सहारा लेते हैं। हालांकि दवाओं से पहले हाथ-पैरों की जकड़न के इलाज के लिए योग सबसे भरोसेमंद उपाय है।
Yoga Tips: ठंड में पैर हो जाते हैं सुन्न? ये योगासन करेंगे तुरंत कमाल
Yoga For Leg Stiffness : अगर रोज 10–15 मिनट भी कुछ खास योगासनों का अभ्यास किया जाए तो सर्दियों की सुबह हल्का और सक्रिय महसूस होगा और जकड़न व दर्द से राहत मिलेगा।
ताड़ासन
यह जमी हुई नसों को जगाने वाला आसन है। यह देखने में जितना सरल है, उतना ही गहरा इसका असर है। इसके अभ्यास के कई फायदे हैं, जैसे ये पैरों में ब्लड सर्कुलेशन तेज करता है। अकड़न और भारीपन कम करता है और नसों को एक्टिव करता है। अभ्यास के लिए सीधे खड़े हों, पैर आपस में मिलाएं। गहरी सांस लेते हुए हाथ ऊपर उठाएं। पंजों पर शरीर का वजन डालें। फिर 20–30 सेकंड इसी मुद्रा में रुकें। सुबह उठते ही यह आसन पैरों में जान डाल देता है।
पादहस्तासन
यह आसन उन लोगों के लिए वरदान है, जिनके पैर सर्दियों में सबसे पहले जवाब देते हैं। ये ठंड से जकड़े पैरों की स्ट्रेचिंग करता है। अभ्यास से जांघों, पिंडलियों और टखनों की जकड़न खुलती है। यह आसन नसों में गर्माहट लाता है और सुन्नपन से राहत देता है। इसके अभ्यास के लिए सीधे खड़े होकर धीरे-धीरे आगे झुकें। हाथों से पैरों को पकड़ें और सिर को घुटनों की ओर ले जाएं। इस मुद्रा में 15–20 सेकंड रुकें। ठंड में यह आसन प्राकृतिक हीटर की तरह काम करता है।
भुजंगासन
वासे तो भुजंगासन पीठ का आसन माना जाता है लेकिन इसका असर पैरों तक साफ महसूस होता है। यह शरीर के निचले हिस्से तक गर्माहट पहुंचाने वाला आसन है। इसका अभ्यास रीढ़ के साथ पैरों की नसों में भी रक्त प्रवाह बढ़ाता है। सुबह की अकड़न कम करता है और शरीर की आंतरिक गर्मी बढ़ाता है। भुजंगासन करने के लिए पेट के बल लेटें। हथेलियां कंधों के पास रखें और सांस लेते हुए छाती ऊपर उठाएं। इस मुद्रा में लगभग 20 सेकंड रुकें।
मर्कटासन
मर्कटासन का अभ्यास टखनों और घुटनों की जकड़न का इलाज है। अगर सर्दियों में बैठते-उठते समय घुटने और टखने चटकते हैं, तो यह आसन जरूरी है। इससे जोड़ों की अकड़न कम होती है। यह आसन पैरों में लचीलापन बढ़ाता है और नसों को रिलैक्स करता है। अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटें। एक पैर मोड़कर दूसरे पैर के ऊपर रखें और शरीर को विपरीत दिशा में मोड़ें। दोनों ओर से 15-20 सेकंड अभ्यास करें।