कई लोगों को खाना खाने के बाद पेट भारी लगने, गैस या असहजता जैसी परेशानी महसूस होती है। खासकर जब खाना जल्दी-जल्दी खाया जाए, जरूरत से ज्यादा भोजन किया जाए या दिनभर शारीरिक गतिविधि कम हो, तो पेट में भारीपन महसूस हो सकता है। ऐसे में सिर्फ खाने पर ध्यान देना ही नहीं, बल्कि रोजाना की एक्टिविटी और योग को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना मददगार हो सकता है।
योग टिप्स: पेट हमेशा भारी-भारी लगता है? खाने के बाद तुरंत नहीं, इस समय करें ये योगासन
Yoga For Bloating: अगर आपको अक्सर पेट भारी लगता है, तो योग के साथ-साथ खाने की मात्रा, भोजन करने की गति, पानी पीने की आदत और रोजाना की शारीरिक गतिविधि पर भी ध्यान दें। लगातार या तेज पेट दर्द, उल्टी, खून आना, बिना वजह वजन कम होना या लंबे समय तक पाचन संबंधी परेशानी बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
पेट के भारीपन के लिए कौन से योगासन किए जा सकते हैं?
1. वज्रासन
वज्रासन एक सरल बैठने वाला योगासन है। इसे आराम से और सही मुद्रा में किया जाता है। अगर घुटनों या पैरों में दर्द या कोई समस्या है, तो इसे करने से पहले योग विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
पवनमुक्तासन
पवनमुक्तासन में पेट और कमर के आसपास खिंचाव महसूस हो सकता है। इसे भोजन के तुरंत बाद नहीं करना चाहिए। खाली पेट या भोजन के पर्याप्त अंतराल के बाद इसे योग विशेषज्ञ की सही तकनीक के अनुसार किया जा सकता है।
बालासन
बालासन शरीर को रिलैक्स करने वाला सरल आसन माना जाता है। इसे करते समय शरीर पर जोर न डालें और असहजता महसूस होने पर आसन रोक दें।
सिर्फ योग ही नहीं, इन आदतों पर भी दें ध्यान
पेट में बार-बार भारीपन महसूस होता है तो बहुत ज्यादा तला-भुना या अत्यधिक भोजन करने से बचें। भोजन धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं। पर्याप्त पानी पिएं और दिनभर सक्रिय रहने की कोशिश करें।
ध्यान रखें कि पेट का भारीपन कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। योग कुछ लोगों के लिए आरामदायक हो सकता है, लेकिन यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है। समस्या लगातार बनी रहती है तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित जांच और सलाह लें।
खाने के तुरंत बाद योग क्यों नहीं करना चाहिए?
भोजन के तुरंत बाद शरीर पाचन की प्रक्रिया में व्यस्त रहता है। इस समय जोरदार एक्सरसाइज या पेट को ज्यादा मोड़ने वाले आसन करने से असहजता बढ़ सकती है। इसलिए भारी भोजन के बाद योग करने के बजाय शरीर को आराम और भोजन को पचने का समय देना बेहतर है।
हल्की वॉक को भोजन के बाद की दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। योग का अभ्यास भोजन से पर्याप्त अंतराल के बाद करना अधिक आरामदायक रहता है।