भागदौड़ भरी जीवनशैली और दफ्तर में कम्प्यूटर के सामने बैठे रहने से कमर और गर्दन दर्द होना आम बात हो गई है। कभी-कभी यह दर्द इतना बढ़ जाता है कि इसके इलाज की जरूरत पड़ जाती है। लेकिन अगर नियमित रूप से योग का अभ्यास किया जाए तो इस तरह की परेशानी से आराम मिल जाएगा। कमर और गर्दन में हो रहें दर्द से निजात पाने के लिए शलभासन की क्रिया बहुत असरदार है। आइए जानते हैं कैसे करते हैं शलभासन
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शलभासन
- फोटो : social media
शलभासन करने की विधि
शलभासन को करने के लिये जमीन पर चटाई बिछाकर उस पर पेट के बल लेट जाएं। फिर दोनों पैरों को सीधा रखें और हाथों को कमर के पास व सीधा रखें। हथेली ऊपर की ओर रखें। अब गहरी सांस लेते हुए अपने दांये पैर को ऊपर दीवार की ओर उठाएं। इस दौरान घुटनों को मोड़े नहीं और सांस लेते रहें। अब दांये पैर को नीचे रखें। इसी प्रक्रिया को अपने बांये पैर के साथ दोहराएं। इस प्रकिया को करते समय हाथों को स्थिर रखें। अब सांस लेते हुए अपने दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। घुटनों को मोड़े नहीं। हाथों को कमर के बराबर में सीधा रखें और सांस लेते रहें। अब सिर को ऊपर की उठाएं। पैरों को नीचे ले आएं और आराम की अवस्था में आ जाएं। इस आसन का अभ्यास दो से चार मिनट के लिये करें।
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शलभासन करने के लाभ
शलभासन को नियमित रूप से करने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है। जिससे आपको हर स्थिति में काम करने की क्षमता बढ़ती है। इसके साथ ही कमर की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और कमर के दर्द से आराम मिलता है। योग की यह क्रिया गर्दन, कंधा और हाथों की नसों को आराम दिलाता है।
पाचन क्रिया को भी सुधारता है
शलभासन करने से पाचन क्रिया भी दुरुस्त होती है और पेट के आसपास जमा फैट कम होने लगता है। इसके साथ ही यह शरीर के पोस्चर को भी सही करता है।