{"_id":"6ab0f92b796645273403bb43","slug":"world-rabies-day-2026-does-rabies-happen-due-to-dog-licking-or-scratching-2026-09-21","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"विश्व रेबीज दिवस 2026: क्या कुत्ते के खरोंचने या चाटने से भी रेबीज हो सकता है?","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
विश्व रेबीज दिवस 2026: क्या कुत्ते के खरोंचने या चाटने से भी रेबीज हो सकता है?
Mon, 21 Sep 2026 03:28 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Mon, 21 Sep 2026 03:28 PM IST
सार
World Rabies Day 2026: अक्सर आपने लोगों को कुत्ते के काटने पर रेबीज का टीका लगवाते देखा होगा। ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि क्या कुत्ते के खरोंचने या चाटने से भी ये बीमारी हो सकती है? आइए इस सवाल का सही जवाब जानते हैं।
विज्ञापन
क्या कुत्ते के खरोंचने या चाटने से भी रेबीज हो सकता है?
- फोटो : AI
World Rabies Day 2026: भारत में कुत्ते रेबीज संक्रमण के प्रमुख स्रोत हैं। ऐसे में 28 सितंबर को मनाए जाने वाले विश्व रेबीज दिवस के मौके पर हम आपसे कुछ ऐसे सवालों के बारे में बात करेंगे, जो अक्सर लोगों के दिमाग में आते हैं।
क्या कुत्ते के खरोंचने या चाटने से भी रेबीज हो सकता है?
- फोटो : AI
क्या कुत्ते की खरोंच से रेबीज हो सकता है?
कुत्ते के काटने के अलावा उसकी खरोंच से भी रेबीज का खतरा हो सकता है, खासकर तब जब खरोंच से त्वचा की ऊपरी परत टूट जाए। अगर कुत्ता रेबीज से संक्रमित है और उसकी लार उसके पंजे या नाखून पर लगी हुई है, तो खरोंच के जरिए वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। खरोंच से खून निकले या न निकले, अगर त्वचा पर चोट या घाव हुआ है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, बिना खून वाली मामूली खरोंच या त्वचा पर लगी हल्की खरोंच भी संभावित रेबीज संक्रमण का जोखिम पैदा कर सकती है।
कुत्ते के काटने के अलावा उसकी खरोंच से भी रेबीज का खतरा हो सकता है, खासकर तब जब खरोंच से त्वचा की ऊपरी परत टूट जाए। अगर कुत्ता रेबीज से संक्रमित है और उसकी लार उसके पंजे या नाखून पर लगी हुई है, तो खरोंच के जरिए वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। खरोंच से खून निकले या न निकले, अगर त्वचा पर चोट या घाव हुआ है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, बिना खून वाली मामूली खरोंच या त्वचा पर लगी हल्की खरोंच भी संभावित रेबीज संक्रमण का जोखिम पैदा कर सकती है।
क्या कुत्ते के खरोंचने या चाटने से भी रेबीज हो सकता है?
- फोटो : AI
क्या कुत्ते के चाटने से रेबीज हो सकता है?
कुत्ते के चाटने से रेबीज होने का खतरा इस बात पर निर्भर करता है कि कुत्ते की लार शरीर के किस हिस्से के संपर्क में आई है। अगर कुत्ता किसी व्यक्ति की बिल्कुल स्वस्थ और बिना कटी-फटी त्वचा को चाटता है, तो आमतौर पर इसे रेबीज संक्रमण का जोखिम नहीं माना जाता। लेकिन अगर शरीर पर पहले से कोई कट, घाव, खरोंच या त्वचा फटी हुई है और संक्रमित कुत्ते की लार उस जगह पर लग जाती है, तो वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है।
इसी तरह अगर संक्रमित जानवर की लार आंख, नाक या मुंह के अंदर पहुंचती है, तो भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसलिए कुत्ते के चाटने की घटना को केवल इसलिए नजरअंदाज नहीं करना चाहिए कि उसने काटा नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या कुत्ते के खरोंचने या चाटने से भी रेबीज हो सकता है?
- फोटो : AI
खरोंच या काटने के बाद क्या करें?
- कुत्ते के काटने या खरोंचने के बाद सबसे पहला काम घाव को तुरंत साफ करना है।
- प्रभावित हिस्से को साबुन और बहते हुए पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए।
- घाव को साफ कपड़े से हल्के तरीके से ढक सकते हैं, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के घाव पर मिर्च, तेल, मिट्टी, राख या कोई घरेलू पदार्थ नहीं लगाना चाहिए।
- घाव छोटा हो या उसमें खून न निकला हो, फिर भी चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
विज्ञापन
क्या कुत्ते के खरोंचने या चाटने से भी रेबीज हो सकता है?
- फोटो : AI
कब करें डॉक्टर से संपर्क?
डॉक्टर स्थिति का आकलन करके तय करते हैं कि रेबीज से बचाव के लिए टीके की जरूरत है या नहीं। कुछ गंभीर संपर्क की स्थितियों में रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन या अन्य आवश्यक उपचार भी दिया जा सकता है। रेबीज के लक्षण दिखाई देने का इंतजार नहीं करना चाहिए, क्योंकि एक बार बीमारी के लक्षण शुरू होने के बाद यह बेहद गंभीर और लगभग हमेशा जानलेवा हो सकती है। इसलिए संभावित संपर्क के बाद समय पर चिकित्सकीय सलाह और बचाव उपचार बेहद महत्वपूर्ण है।
----------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
डॉक्टर स्थिति का आकलन करके तय करते हैं कि रेबीज से बचाव के लिए टीके की जरूरत है या नहीं। कुछ गंभीर संपर्क की स्थितियों में रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन या अन्य आवश्यक उपचार भी दिया जा सकता है। रेबीज के लक्षण दिखाई देने का इंतजार नहीं करना चाहिए, क्योंकि एक बार बीमारी के लक्षण शुरू होने के बाद यह बेहद गंभीर और लगभग हमेशा जानलेवा हो सकती है। इसलिए संभावित संपर्क के बाद समय पर चिकित्सकीय सलाह और बचाव उपचार बेहद महत्वपूर्ण है।
----------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।