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अंगदान सप्ताह 2026: क्या हर व्यक्ति कर सकता है अंगदान? जानिए किन लोगों को मिलती है अनुमति
Mon, 21 Sep 2026 04:31 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Mon, 21 Sep 2026 04:31 PM IST
सार
Organ Donation Week 2026: अंगदान सप्ताह के मौके पर हम आपको बताएंगे कि अंगदान के लिए शरीर में क्या-क्या चीजें देखी जाती हैं और उसका सही क्राइटेरिया क्या है।
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क्या हर व्यक्ति कर सकता है अंगदान?
- फोटो : AI
Organ Donation Week 2026: अंगदान को जीवन बचाने वाला सबसे बड़ा दान माना जाता है, लेकिन क्या हर व्यक्ति अंगदान कर सकता है? आज हम इसी सवाल के बारे में डिटेल में बात करेंगे। दरअसल, अंगदान के लिए केवल इच्छा जताना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि दानदाता की उम्र, स्वास्थ्य और मेडिकल फिटनेस की भी जांच की जाती है। खासतौर पर जीवित व्यक्ति द्वारा किडनी या लिवर का हिस्सा दान करने के मामले में डॉक्टर कई तरह की जांच करते हैं। अंतिम फैसला विशेषज्ञों की पूरी मेडिकल जांच के बाद होता है। आइए अंगदान सप्ताह के मौके पर जानते हैं अंगदान से जुड़े सभी सवालों के सही जवाब।
क्या हर व्यक्ति कर सकता है अंगदान?
- फोटो : AI
अंगदान के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए?
जीवित अंगदान के मामले में दानदाता की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। 18 वर्ष से कम उम्र का व्यक्ति जीवित अंगदाता के रूप में अंगदान नहीं कर सकता। 18 से 21 वर्ष की उम्र को किडनी डोनेशन में विशेष मूल्यांकन वाली स्थिति माना जाता है। वहीं अधिक उम्र के व्यक्ति भी कुछ परिस्थितियों में संभावित दाता हो सकते हैं, लेकिन उनकी मेडिकल स्थिति, अंगों की कार्यक्षमता और अन्य बीमारियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है।
मृत्यु के बाद अंगदान के नियम अलग होते हैं। मृत व्यक्ति की अंगदान के लिए मेडिकल उपयुक्तता उसकी मृत्यु के समय निर्धारित की जाती है। उम्र अपने आप में अंगदान की पूर्ण बाधा नहीं है। अलग-अलग अंगों और ऊतकों की उपयुक्तता मेडिकल टीम तय करती है।
जीवित अंगदान के मामले में दानदाता की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। 18 वर्ष से कम उम्र का व्यक्ति जीवित अंगदाता के रूप में अंगदान नहीं कर सकता। 18 से 21 वर्ष की उम्र को किडनी डोनेशन में विशेष मूल्यांकन वाली स्थिति माना जाता है। वहीं अधिक उम्र के व्यक्ति भी कुछ परिस्थितियों में संभावित दाता हो सकते हैं, लेकिन उनकी मेडिकल स्थिति, अंगों की कार्यक्षमता और अन्य बीमारियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है।
मृत्यु के बाद अंगदान के नियम अलग होते हैं। मृत व्यक्ति की अंगदान के लिए मेडिकल उपयुक्तता उसकी मृत्यु के समय निर्धारित की जाती है। उम्र अपने आप में अंगदान की पूर्ण बाधा नहीं है। अलग-अलग अंगों और ऊतकों की उपयुक्तता मेडिकल टीम तय करती है।
क्या हर व्यक्ति कर सकता है अंगदान?
- फोटो : AI
BMI कितना होना चाहिए?
अंगदान के लिए BMI की कोई एक सार्वभौमिक सीमा नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन सा अंग दान किया जा रहा है और दानदाता की पूरी स्वास्थ्य स्थिति कैसी है। हालांकि जीवित किडनी दान के लिए BMI 35 किग्रा/वर्ग मीटर से अधिक को पूर्ण निषेध की श्रेणी में रखा गया है। BMI 30 से 35 के बीच होने पर इसे सापेक्ष जोखिम माना जाता है और ऐसे व्यक्ति का मामला व्यक्तिगत मेडिकल मूल्यांकन के आधार पर देखा जा सकता है।
इसलिए केवल BMI देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि कोई व्यक्ति अंगदान कर सकता है या नहीं। डॉक्टर वजन, लंबाई, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, किडनी की कार्यक्षमता, हृदय की स्थिति और अन्य जरूरी जांचों को भी देखते हैं।
अंगदान के लिए BMI की कोई एक सार्वभौमिक सीमा नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन सा अंग दान किया जा रहा है और दानदाता की पूरी स्वास्थ्य स्थिति कैसी है। हालांकि जीवित किडनी दान के लिए BMI 35 किग्रा/वर्ग मीटर से अधिक को पूर्ण निषेध की श्रेणी में रखा गया है। BMI 30 से 35 के बीच होने पर इसे सापेक्ष जोखिम माना जाता है और ऐसे व्यक्ति का मामला व्यक्तिगत मेडिकल मूल्यांकन के आधार पर देखा जा सकता है।
इसलिए केवल BMI देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि कोई व्यक्ति अंगदान कर सकता है या नहीं। डॉक्टर वजन, लंबाई, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, किडनी की कार्यक्षमता, हृदय की स्थिति और अन्य जरूरी जांचों को भी देखते हैं।
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क्या हर व्यक्ति कर सकता है अंगदान?
- फोटो : AI
ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए?
अंगदान के लिए ब्लड प्रेशर की एक ऐसी निश्चित संख्या नहीं है जिसे हर व्यक्ति पर लागू किया जाए। खासकर जीवित किडनी दाता के मूल्यांकन में डॉक्टर यह देखते हैं कि व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर है या नहीं, वह कितनी दवाएं ले रहा है और इससे शरीर के दूसरे अंगों पर कोई नुकसान तो नहीं हुआ है।
किडनी डोनर के मेडिकल मूल्यांकन में 50 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति में हाई ब्लड प्रेशर के साथ अंगों को नुकसान पहुंचने के प्रमाण या तीन या उससे अधिक ब्लड प्रेशर की दवाओं की जरूरत होना अंगदान के लिए बाहर रखने वाली स्थितियों में शामिल हो सकता है। इसलिए केवल एक बार ब्लड प्रेशर बढ़ने से अंगदान की पात्रता तय नहीं होती। डॉक्टर पूरे मेडिकल रिकॉर्ड और जांचों के आधार पर निर्णय लेते हैं।
अंगदान के लिए ब्लड प्रेशर की एक ऐसी निश्चित संख्या नहीं है जिसे हर व्यक्ति पर लागू किया जाए। खासकर जीवित किडनी दाता के मूल्यांकन में डॉक्टर यह देखते हैं कि व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर है या नहीं, वह कितनी दवाएं ले रहा है और इससे शरीर के दूसरे अंगों पर कोई नुकसान तो नहीं हुआ है।
किडनी डोनर के मेडिकल मूल्यांकन में 50 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति में हाई ब्लड प्रेशर के साथ अंगों को नुकसान पहुंचने के प्रमाण या तीन या उससे अधिक ब्लड प्रेशर की दवाओं की जरूरत होना अंगदान के लिए बाहर रखने वाली स्थितियों में शामिल हो सकता है। इसलिए केवल एक बार ब्लड प्रेशर बढ़ने से अंगदान की पात्रता तय नहीं होती। डॉक्टर पूरे मेडिकल रिकॉर्ड और जांचों के आधार पर निर्णय लेते हैं।
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क्या हर व्यक्ति कर सकता है अंगदान?
- फोटो : AI
किन बीमारियों में जीवित अंगदान मुश्किल हो सकता है?
जीवित किडनी दान के लिए डायबिटीज, गंभीर मोटापा, कुछ हृदय रोग, गंभीर रक्त वाहिका संबंधी बीमारी, कुछ फेफड़ों की बीमारियां और किडनी से जुड़ी समस्याएं महत्वपूर्ण जोखिम मानी जाती हैं। डायबिटीज, BMI 35 से अधिक, कुछ प्रकार के हृदय रोग और अन्य गंभीर स्थितियां अंगदान के लिए बाधा बन सकती हैं। हालांकि हर अंग और हर दानदाता के लिए मानदंड अलग हो सकते हैं।
इसलिए अगर कोई व्यक्ति जीवित रहते हुए किडनी या लिवर का हिस्सा दान करना चाहता है, तो उसे ट्रांसप्लांट सेंटर में विशेषज्ञों से पूरा मेडिकल मूल्यांकन कराना चाहिए। अंतिम पात्रता केवल उम्र, BMI या ब्लड प्रेशर की एक संख्या देखकर तय नहीं होती।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
जीवित किडनी दान के लिए डायबिटीज, गंभीर मोटापा, कुछ हृदय रोग, गंभीर रक्त वाहिका संबंधी बीमारी, कुछ फेफड़ों की बीमारियां और किडनी से जुड़ी समस्याएं महत्वपूर्ण जोखिम मानी जाती हैं। डायबिटीज, BMI 35 से अधिक, कुछ प्रकार के हृदय रोग और अन्य गंभीर स्थितियां अंगदान के लिए बाधा बन सकती हैं। हालांकि हर अंग और हर दानदाता के लिए मानदंड अलग हो सकते हैं।
इसलिए अगर कोई व्यक्ति जीवित रहते हुए किडनी या लिवर का हिस्सा दान करना चाहता है, तो उसे ट्रांसप्लांट सेंटर में विशेषज्ञों से पूरा मेडिकल मूल्यांकन कराना चाहिए। अंतिम पात्रता केवल उम्र, BMI या ब्लड प्रेशर की एक संख्या देखकर तय नहीं होती।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।