बिगड़ी लाइफस्टाइल के कारण लोगों को कई तरह की शारीरिक समस्याएं हो जाती हैं। इसमें शरीर दर्द आम बात है। गलत पोस्चर और जीवन शैली से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। कोरोना काल में वर्क फ्राॅम होम कल्चर होने के बाद से गर्दन और पीठ दर्द की समस्या बढ़ रही है। लोग डेस्क जाॅब करते हों या घर का रोजाना का कामकाज करते हों, उनको आए दिन पीठ और कमर दर्द की समस्या हो जाती है। अगर समय रहते गर्दन व कमर दर्द की समस्या को ठीक न किया जाए तो तकलीफ बढ़ सकती है। पीठ व कमर दर्द के कारण उठने बैठने की तकलीफ होने लगती है। योगासन का अभ्यास शारीरिक समस्याओं से निजात दिला सकता है। ऐसे में पीठ और कमर दर्द से राहत पाने के लिए कुछ योगासनों का नियमित अभ्यास कर सकते हैं। ये रहे गर्दन, पीठ और कमर दर्द से आराम दिलाने वाले योगासन।
Yoga Tips: पीठ में दर्द की समस्या से हैं परेशान तो नियमित करें ये योगासन
ताड़ासन
ताड़ासन का अभ्यास पीठ दर्द से निजात दिलाता है। इस आसन को करने के लिए दोनों पैरों के बीच दूरी बनाकर एड़ियों और पंजों पर खड़े हो जाएं। फिर हाथों को कमर की सीध से ऊपर ले जाएं और हथेलियों व उंगलियों को मिला लें। गर्दन सीधी रखें, साथ ही एड़ियों को ऊपर उठाते हुए शरीर का भार पंजो पर डालें। इस अवस्था में संतुलन बनाते हुए कुछ देर रहें, फिर पुरानी अवस्था में आ जाएं।
सेतु बंधासन
जो लोग डेस्क वर्क करते हैं, उन्हें सेतु बंधासन का योगाभ्यास करना चाहिए। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेट कर दोनों पैरों के घुटनों को मोड़ें और पैर को फर्श पर स्पर्श करते हुए हाथों की मदद से शरीर को ऊपर उठाएं। अब पीठ व जांघ को फर्श से आसमान में उठाते हुए गहरी सांस लें व बाहर छोड़े। इस स्थिति में कुछ देर रहने के बाद पहली वाली स्थिति में आ जाएं।
भुजंगासन
पीठ व कमर दर्द से राहत के लिए भुजंगासन का नियमित अभ्यास करें। इसके लिए पेट के बल सीधे लेटकर हथेलियों को कंधों के नीचे रखें। फिर उंगलियों को फैलाते हुए छाती को ऊपर खींचें। इस अवस्था में कुछ देर रहें और सांस ले।
शोल्डर ओपनर
मांसपेशियों को मजबूत करने और शरीर दर्द से निजात पाने के लिए शोल्डर ओपनर का अभ्यास करें। इस आसन में सीधे खड़े होकर हथेलियों को पीछे की ओर ले जाते हुए आपस में मिला लें। अब कंधों को पीछे की ओर खींचे। इस प्रक्रिया को दोहराएं।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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