Night Yoga poses: दिनभर की भागदौड़, काम का दबाव, लगातार स्क्रीन देखने की आदत और घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच शरीर और मन दोनों थक जाते हैं। लेकिन कई बार बिस्तर पर पहुंचने के बाद भी दिमाग शांत नहीं हो पाता। शरीर थका हुआ होता है, फिर भी विचार चलते रहते हैं और दिनभर का तनाव आसानी से खत्म नहीं होता। ऐसे में सोने से पहले कुछ मिनटों का हल्का योग शरीर को धीरे-धीरे आराम की अवस्था में लाने में मदद कर सकता है।
योग टिप्स: रात की थकान और तनाव को कहें अलविदा! सोने से पहले अपनाएं ये आसान योग रूटीन
Night Yoga routine: सोने से पहले किया गया हल्का योग शरीर और मन को दिनभर की व्यस्तता से धीरे-धीरे विश्राम की ओर ले जाने वाली अच्छी दिनचर्या बन सकता है। बालासन, मार्जरी-बिटिलासन, सुप्त बद्ध कोणासन, विपरीत करणी, हल्का सुप्त मरोड़ और शवासन जैसे अभ्यास अपनी क्षमता के अनुसार किए जा सकते हैं।
बालासन से शरीर को दें आराम
बालासन एक आरामदायक योगासन है, जिसमें शरीर को आगे की ओर झुकाकर विश्राम की स्थिति में रखा जाता है। दिनभर की थकान के बाद कुछ समय बालासन में रहना शरीर को शांत महसूस कराने वाली दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है।
इस दौरान सांस पर ध्यान केंद्रित करें और शरीर को ढीला छोड़ने की कोशिश करें। आसन करते समय घुटनों, कमर या टखनों पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें। किसी तरह की असुविधा होने पर आसन रोक दें।
मार्जरी आसन और बिटिलासन करें
लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने के कारण पीठ और कंधों में जकड़न महसूस हो सकती है। मार्जरी आसन और बिटिलासन का हल्का क्रम रीढ़ को धीरे-धीरे गतिशील करने में मदद कर सकता है।
इसे रात में तेज गति से करने के बजाय धीरे-धीरे करें। सांस और शरीर की गति के बीच तालमेल बनाए रखने की कोशिश करें। अगर पीठ या गर्दन में दर्द हो तो शरीर पर दबाव डालने से बचें।
सुप्त बद्ध कोणासन अपनाएं
सुप्त बद्ध कोणासन में पीठ के बल लेटकर पैरों के तलवों को आपस में मिलाया जाता है और घुटनों को दोनों तरफ आराम से खुलने दिया जाता है। यह एक शांत और आरामदायक मुद्रा है, जिसे रात की विश्राम दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।
अगर घुटनों पर खिंचाव महसूस हो तो उनके नीचे तकिया या कुशन रखा जा सकता है। इस आसन का उद्देश्य शरीर को जबरदस्ती खींचना नहीं, बल्कि आरामदायक स्थिति में कुछ देर स्थिर रहना है।
विपरीत करणी से पैरों को दें आराम
विपरीत करणी में पीठ के बल लेटकर पैरों को दीवार के सहारे ऊपर रखा जाता है। दिनभर ज्यादा देर खड़े रहने या चलने के बाद यह मुद्रा आरामदायक महसूस हो सकती है।
कुछ मिनट इस स्थिति में आराम से रहते हुए सामान्य और धीमी सांसों पर ध्यान दें। यदि इस मुद्रा में चक्कर या किसी तरह की परेशानी महसूस हो तो इसे तुरंत रोक दें।