International Yoga Day 2025: हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है और इस दिन लाखों लोग सूर्य नमस्कार सहित कई योगाभ्यास करते हैं। सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) योग की एक ऐसी श्रृंखला है, जिसमें 12 योगासनों का संयोजन होता है। यह न केवल शरीर को फिट रखता है बल्कि मानसिक शांति भी देता है। इस लेख में जानिए सूर्य नमस्कार का सही तरीका और इससे मिलने वाले फायदे बताए जा रहे हैं।
सूर्य नमस्कार कैसे करें?
सूर्य नमस्कार प्रभावी व असरदार इसलिए है क्योंकि इसमें 12 अलग-अलग आसनों की श्रृंखला शामिल है। सूर्य नमस्कार के इन 12 सेट्स को सरल शब्दों में समझें,
1 स्टेप- प्रणामासन
2 स्टेप- हस्त उत्तानासन
3 स्टेप- हस्तपादासन
4 स्टेप- अश्व संचालनासन
5 स्टेप- दंडासन
6 स्टेप- अष्टांग नमस्कार
7 स्टेप- भुजंगासन
8 स्टेप- पर्वतासन
9 स्टेप- अधोमुख श्वानासन
10 स्टेप- अश्व संचालनासन
11 स्टेप- पदहस्तासन
12 स्टेप- ताड़ासन
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प्रणामासन योग
- फोटो : Amar Ujala
सूर्य नमस्कार का सही तरीका
प्रणामासन
इस आसन में शरीर प्रणाम की मुद्रा में होता है। इसके लिए सीधा खड़े होकर अपने पैरों को पास रखते हुए हाथों को छाती के सामने नमस्कार मुद्रा में जोड़ना चाहिए। प्रणामासन के अभ्यास से मानसिक एकाग्रता और शांति बढ़ती है।
अभ्यास का तरीका
दोनों पंजे जोड़कर सीधे खड़े होकर छाती को फुलाएं और कंधे ढीले रखें। फिर श्वास लेते हुए दोनों हाथ बगल से ऊपर उठाएं। अब श्वास छोड़ते हुए हथेलियों को जोड़ें और छाती के सामने प्रणाम मुद्रा में ले आएं।
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हस्त उत्तानासन
- फोटो : Amar Ujala
हस्त उत्तानासन
यह आसन पीठ और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। इसके अभ्यास के लिए हाथों को ऊपर उठाते हुए पीछे की ओर झुकें और कमर को भी पीछे की ओर मोड़ें।
अभ्यास का तरीका
इस आसन के अभ्यास के लिए श्वास लेते हुए हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं। ऊपरी धड़ और सिर के पीछे की तरफ हल्का कर्व बनाएं। अब हाथों को ऊपर उठाएं और शरीर को पीछे की ओर मोड़ें। इस मुद्रा में 20 सेकंड रहे और वापस प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं।
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हस्तपादासन
- फोटो : Amar Ujala
हस्तपादासन
यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और हैमस्ट्रिंग्स को खींचता है।
अभ्यास का तरीका
सांस भीतर खींचते हुए कमर को मोड़कर आगे की ओर झुकें। फिर हिप्स को ऊपर उठाते हुए हाथों को पंजे के बगल में जमीन पर रखें। सीना पैर को छूता रहे और सिर को नीचे की ओर झुकाते हुए टांगों के बीच से झांकते रहें। 10-30 सेकेंड इसी अवस्था में रुकें, फिर सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
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अश्व संचालनासन
- फोटो : Amar Ujala
अश्व संचालनासन
इस आसन में दाएं पैर को पीछे ले जाते हैं और बाएं घुटने को मोड़कर हाथों को फर्श पर रखते हैं। इस तरह का अभ्यास हिप्स और पैर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
अभ्यास का तरीका
घुटनों के बल खड़े होकर दाएं पैर को आगे लाकर जमीन पर रखें। दाएं पैर को जितना हो सके आगे रखें और घुटने से 90 डिग्री का कोण बनाएं। अब बाएं पैर के घुटनों और पंजों को जमीन पर रखें और थोड़ा आगे झुकें। थोड़ा-थोड़ा आगे झुकते हुए दोनों हाथों को दाएं पैर के पास रखें और सामने देखें।