फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बोन हेल्थ: महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कब सबसे ज्यादा बढ़ जाता है? आप कैसे करें बचाव

Thu, 24 Sep 2026 05:08 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 24 Sep 2026 05:08 PM IST
सार

महिलाओं में उम्र बढ़ने, खासकर मेनोपॉज के बाद हड्डियों के कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। कैल्शियम और विटामिन डी की कमी, कम शारीरिक गतिविधि, कम वजन, धूम्रपान और कुछ दवाएं भी जोखिम बढ़ा सकती हैं। 

विज्ञापन
Why Women Are at Higher Risk of Osteoporosis Bone Loss After Menopause
हड्डियों की समस्याएं - फोटो : Amarujala.com/AI

क्या आप जानते हैं कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कुछ प्रकार की बीमारियों का खतरा अधिक होता है? महिलाओं में हड्डियों से संबंधित विकार और गठिया के मामले भी ज्यादा रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों का घनत्व कम होने (लो बोन मास) का खतरा बहुत अधिक देखा जाता रहा, इसका मुख्य कारण मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का तेजी से कम होना माना जाता है।



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपकी हड्डियां मजबूत हैं तो शरीर का पूरा ढांचा मजबूती से काम करता है, इनमें होने वाली समस्या का असर पूरे शरीर के कामकाज पर पड़ सकता है। कई बार हड्डियों की समस्याओं का शुरुआत में पता भी नहीं चल पाता और ये गंभीर रूप में सामने आती हैं। ऑस्टियोपोरोसिस ऐसी ही एक दिक्कत है जो महिलाओं में ज्यादा देखी जा रही है।

अब सवाल ये है कि महिलाओं में ड्डियां कमजोर होने का खतरा क्यों और कब सबसे ज्यादा रहता है?

Why Women Are at Higher Risk of Osteoporosis Bone Loss After Menopause
गठिया का खतरा - फोटो : Freepik.com

ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या

ऑस्टियोपोरोसिस ऐसी बीमारी है जिसका कई मामलों में तब पता चल पाता है जब आपको कोई फ्रैक्चर हो जाता है। इसमें हड्डियों का घनत्व और मजबूती बहुत कम हो जाती है, जिससे वे बेहद नाजुक और फ्रैक्चर के प्रति संवेदनशील हो जाती हैं। 
 

  • महिलाओं में इसका खतरा खास तौर पर उम्र बढ़ने और मेनोपॉज के आसपास बढ़ जाता है। इस समय एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है। 
  • इसके अलावा शरीर में कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी, शारीरिक गतिविधियों में कमी, धूम्रपान-शराब जैसी आदतें भी खतरा बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
Why Women Are at Higher Risk of Osteoporosis Bone Loss After Menopause
हड्डियों की समस्या - फोटो : Freepik.com

मेनोपॉज के बाद बढ़ जाता है खतरा

महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है। मेनोपॉज के आसपास एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने से हड्डियों का नुकसान तेज हो जाता है। यही वजह है कि मेनोपॉज के बाद ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।
 

  • जिन महिलाओं का वजन ज्यादा होता है या जिन्हें पहले से हड्डियों में कमजोरी की समस्या है उनमें ऑस्टियोपोरोसिस और आर्थराइटिस का जोखिम ज्यादा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Why Women Are at Higher Risk of Osteoporosis Bone Loss After Menopause
डाइट में कैल्शियम जरूरी - फोटो : freepik.com

कैल्शियम और विटामिन की कमी

हड्डियों को मजबूत रखने के लिए कैल्शियम और विटामिन डी दोनों जरूरी हैं। 
 

  • कैल्शियम हड्डियों की संरचना के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि विटामिन डी शरीर को कैल्शियम अवशोषित करने में मदद करता है। 
  • दूध-दही जैसे खाद्य पदार्थ, कैल्शियम वाली दूसरी चीजें इन पोषक तत्वों की पूर्ति करने में मदद करती हैं।
  • हड्डियों के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है। वॉकिंग जैसी गतिविधियां हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। 
  • वहीं लंबे समय तक बैठे रहना, धूम्रपान और शराब भी हड्डियों के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं।
विज्ञापन
Why Women Are at Higher Risk of Osteoporosis Bone Loss After Menopause
हड्डियों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com

फिर कैसे रखें हड्डियों को मजबूत?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ऑस्टियोपोरोसिस को साइलेंट बीमारी कहा जाता है, क्योंकि शुरुआत में आमतौर पर इसके कोई खास लक्षण नहीं होते। यही कारण है कि मामूली चोट या गिरने पर हड्डियों के  टूटने या रीढ़ की हड्डी में झुकाव जैसे बदलाव दिखाई दे सकते हैं।

उम्र, मेनोपॉज और फैमिली हिस्ट्री जैसी स्थितियां आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है। जिन महिलाओं का जोखिम कारक अधिक है उन्हें डॉक्टर की सलाह पर समय रहते उपाय शुरू कर देने चाहिए।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed