International Yoga Day 2025 : रोजमर्रा की जीवनशैली में व्यक्ति को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। यह स्वास्थ्य समस्याएं शारीरिक और मानसिक दोनों हो सकती हैं। अपनी जीवनशैली में सुधार करके कुछ स्वास्थ्य स्थितियों से बचाव किया जा सकता है तो वहीं योग के माध्यम से सेहत में सुधार किया जा सकता है।
International Yoga Day 2025: आपके लिए कौन सा योग है बेस्ट? शरीर के इन लक्षणों से समझें
International Yoga Day 2025 : अगर आप जानना चाहते हैं कि आपको लिए कौन सा योगासन सही है तो पहले अपने शरीर के संकेतों को समझिए। इस लेख में आपको शरीर के अलग-अलग लक्षणों और उनसे जुड़े सबसे प्रभावी योगासनों की जानकारी दी जा रही है।
थकान और लो एनर्जी
अगर आपको दिनभर सुस्ती महसूस होती है। शरीर भारीपन लगता है, कुछ करने का मन न होता या थकान महसूस होती हो तो आपको रोज सुबह योगाभ्यास से अपने दिन की शुरुआत करनी चाहिए। ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने और शरीर की थकान को दूर करने के लिए आप सूर्य नमस्कार और प्राणायाम कर सकते हैं।
सूर्य नमस्कार शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाता है। इससे शरीर में लचीलापन आता है, पाचन में सुधार होता है और तनाव कम होता है।
भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास थकान को दूर कर मानसिक स्फूर्ति देता है। दिन भर ऊर्जावान बने रहने और थकावट को कम करने के लिए आपको भस्त्रिका प्राणायाम किया जाता है।
पेट की समस्या या अपच
अधिकतर लोगों को पेट की शिकायत रहती है। पाचन क्रिया ठीक न होने से गैस और एसिडिटी हो जाती है। साथ ही अपच की परेशानी से भूख न लगने की भी शिकायत रहती है। पेट की समस्या कई अन्य बीमारियों का कारण बन सकती है। जिनको पेट और अपच की समस्या रहती हैं, उन्हें रोजाना पवनमुक्तासन और भुजंगासन का अभ्यास करना चाहिए।
पवनमुक्तासन का अभ्यास पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और गैस, कब्ज व अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। पेट दर्द और ऐंठन से राहत दिलाने में भी पवनमुक्तासन का अभ्यास असरदार हो सकता है।
भुजंगासन पाचन अंगों को उत्तेजित करता है और पाचन रस के स्त्राव को बढ़ाता है जिससे पाचन में सुधार और कब्ज से राहत मिलती है। यह गैस और अपच की समस्या को दूर करता है। पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
पीठ या कमर में दर्द
खराब जीवनशैली और शरीर के गलत पोस्चर के कारण पीठ व कमर में दर्द की शिकायत हो सकती है। जो लोग दिनभर दफ्तर में डेस्क वर्क करते हैं, उन्हें गर्दन के पीछे, कमर या पीठ में दर्द की समस्या रहती है। वहीं गृहणियों को भी बैठने या उठने में दर्द और कमर अकड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर आपको भी बैक पेन रहता है तो मार्जरी आसन और सेतुबंधासन का नियमित अभ्यास करना चाहिए।
मार्जरी आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और मांसपेशियों को मजबूत करता है। गर्दन और कंधे में दर्द से राहत पाने के साथ ही कमर दर्द को कम करने में भी असरदार योग क्रिया है।
सेतुबंधासन रीढ़ को मजबूत करता है। सेतुबंधासन पीठ और कमर के निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत करता है जिससे दर्द से राहत मिलती है। साथ ही यह आसन पैरों, पीठ और गर्दन-छाती की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
बढ़ा हुआ वजन या मोटापा
आमतौर पर अधिकतर लोग व्यायाम या योग वजन कम करने के लिए करते हैं। अगर आपको पेट निकला हो, शरीर भारी लगता है, उम्र और हाइट के हिसाब से वजन ज्यादा हो या शरीर के किसी अंग में अतिरिक्त चर्बी हो तो योगासन से उसे कम किया जा सकता है। मोटापा घटाने और वजन कम करने के लिए कपालभाति प्राणायाण व नौकासन असरदार योग क्रियाएं हैं।
कपालभाति प्राणायाम फैट को बर्न करता है। कपालभाति एक ऐसा प्राणायाम है जो वजन घटाने में मदद कर सकता है, खासकर पेट की चर्बी कम करने में असरदार है। यह आसन पाचन में सुधार करके शरीर में वसा जलाने की प्रक्रिया को तेज करता है।
नौकासन पेट और जांघों की चर्बी घटाता है। यह योग मुद्रा पेट की चर्बी कम करने और वजन घटाने में मदद करती है। इस आसन से पाचन में सुधार होता है और पीठ व पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
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