कोरोना के सामने आए नए वैरिएंट्स ने दुनियाभर में तीसरी लहर की आशंकाओं को तेज कर दिया है। कई देशों में कोरोना के मामले फिर से रफ्तार पकड़ रहे हैं, ऐसे में लोगों के मन में डर साफ देखा जा सकता है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से किया जा रहा टीकाकरण कोरोना की रफ्तार पर काबू पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, ऐसे में तीसरी लहर का डर उन लोगों में अधिक होगा जिनका अब तक वैक्सीनेशन नहीं हुआ है, या फिर जिनकी इम्यूनिटी काफी कमजोर है।
विशेषज्ञों की सलाह: कोरोना की तीसरी लहर से मुकाबले के लिए शुरू कर दें तैयारी, यह योगाभ्यास हैं मददगार
प्राणायाम करने से होने वाले फायदे
योग विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर से मुकाबले के लिए शरीर को तैयार करने के लिए सभी लोगों को नियमित रूप से प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए। प्राणायाम को फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने, प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के साथ श्वसन क्रिया में प्रयुक्त नसों को आराम देने वाले सबसे प्रभावी व्यायामों में से एक माना जाता है। विशेषज्ञ इस आसन को खाली पेट करने की सलाह देते हैं। प्राणायाम करने के लिए शांत मुद्रा में बैठ जाएं। शरीर को एकदम सीधा रखें। अब गहरी सांस लें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें। रोजाना कम से कम 10 मिनट तक इस व्यायाम को जरूर करना चाहिए।
भुजंगासन (कोबरा पोज)
पेट और पीठ को आराम दिलाने के साथ यह योग अभ्यास प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देता है। इस अभ्यास को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाइए और हथेली को कंधे के नीचे रखिए। सांस लेते हुए और शरीर के अगले भाग को ऊपर की और उठाएं। 10-20 सेकंड्स के लिए इसी अवस्था में रहिए फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस अभ्यास को नियमित रूप से 10-15 बार किया जा सकता है। कोरोना से सुरक्षित रखने में इस योग के कई लाभ हो सकते हैं।
अनुलोम विलोम व्यायाम
अनुलोम-विलोम व्यायाम को फेफड़ों से विषाक्त पदार्थों को निकालर उन्हें शुद्ध करने, फेफड़ों में जमा अतिरिक्त द्रव को कम करने के साथ फेफड़ों में ऑक्सीजन युक्त रक्त के प्रवाह को बढ़ावा देने में काफी प्रभावी माना जाता है। इतना ही नहीं यह प्रतिरक्षा और फेफड़ों की क्षमता को बढ़ावा देने में भी सहायक है। इस व्यायाम को करने के लिए शांत मुद्रा में बैठ जाएं। अपनी आंखें बंद करें और दाहिने अंगूठे को नाक के दाहिने छिद्र पर रखें। अब बाईं तरफ से गहरी सांस लें औऱ दाहिनी ओर से छोड़ें। इसी तरह से नाक की दूसरी तरफ से भी सांस लें और छोड़ें।
इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ कई अन्य मामलों में मत्स्यासन सबसे फायदेमंद योगाभ्यासों में से एक है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपनी पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को शरीर के बगल की ओर रखें। अब अपने पैरों को आपस में ऐसे मोड़ें जैसे शांत मुद्रा में बैठने के लिए मोड़ते हैं। सांस लेते हुए अपने सिर और छाती को ऊपर उठाएं। अब छाती को ढीला रखते हुए अपने सिर को इस तरह नीचे करें कि आपके सिर का ऊपरी हिस्सा जमीन को छुए। आपके हाथ और पैर एक दूसरे के समानांतर होने चाहिए। 15-20 सेकंड के लिए इसी स्थिति में रहें और फिर पूर्ववत अपनी शुरुआती स्थिति में आ जाएं।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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