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बिकरू कांड: विकास दुबे को पनाह देने वाले की जमानत अर्जी खारिज, पुलिस ने किया एक और हैरान करने वाला खुलासा
Sat, 14 Aug 2021 12:33 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 14 Aug 2021 12:33 PM IST
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
कानपुर के चर्चित बिकरू कांड में शामिल रहने व कुख्यात विकास दुबे को वारदात के बाद पनाह देने के आरोपी की जमानत शुक्रवार को खारिज कर दी गई। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। बचाव पक्ष की दलीलों का विरोध करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता ने आरोपी के जघन्य अपराध में शामिल होने का पक्ष रखा। सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष तिवारी ने बताया कि दो जुलाई 2020 को चौबेपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर हमला किया गया था। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हुए थे। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में चल रही है। पुलिस की छानबीन में सामने आया था कि घटना के बाद विकास दुबे ने रसूलाबाद के तुलसीनगर में रामजी उर्फ राधे कश्यप के यहां पनाह ली थी।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
पुलिस ने रामजी को भी घटना में शामिल होने का आरोपी बनाया है। एसटीएफ ने उसके पास से 12 बोर की एक बंदूक, 25 कारतूस, 7.62 एमएम के 20 कारतूस व एके 47 के दो कारतूस बरामद किए थे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी की जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
इसमें शुक्रवार को हुई बहस के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी की गिरफ्तारी भीड़भाड़ वाले स्थान से हुई है साथ ही पुलिस ने कोई पब्लिक गवाह भी नहीं बनाया है। उन्होंने आरोपी का कोई पुराना आपराधिक इतिहास न होने की भी दलील दी।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
इस पर सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष तिवारी ने विरोध करते हुए कहा कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने स्वयं स्वीकार किया था कि विकास दुबे ने उसके घर में पनाह ली थी।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
पुलिस के लूटे हुए असलहे व कारतूस घर में रखने की बात भी स्वीकारी थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी का जमानती प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। एडीजीसी ने बताया कि बिकरू कांड के आरोपी रामजी उर्फ राधे की जमानत खारिज कर दी गई है।