आंखों में अगर दिखने लगे ऐसे लक्षण तो संभल जाएं और बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें, वरना पछताएंगे और आंखों की रोशनी भी खो देंगे।
बच्चों में भी आंखों का कैंसर हो सकता है, लेकिन इस बारे में लोगों को पता नहीं है। एडवांस स्टेज में बीमारी का पता लगने की वजह से ज्यादातर बच्चों को पूरा इलाज नहीं मिल पाता। वे ऐसी स्थिति में आते हैं कि उन्हें कीमोथैरेपी भी नहीं दी जा सकती। ऐसे में कई बच्चों की आंख तक निकलनी पड़ती है। इस बीमारी को रेटिनोब्लास्टोमा कहा जाता है।
अगर बच्चे की आंखों के रेटिना में सफेद धब्बे पड़ रहे हों या फिर आंख तिरछी जा रही हो तो यह कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। जीएमसीएच-32 के नेत्र विभाग के एचओडी प्रो. सुदेश कुमार आर्या ने बताया कि लोगों को पता ही नहीं है कि आंखों में भी कैंसर होता है। कई बच्चे ऐसे आते हैं, जिनकी आंखें पूरी तरह से बाहर आ चुकी होती हैं।
अगर समय पर इसका पता चल जाए तो 95 फीसदी केसों में आंखों को बचाया जा सकता है। जागरूकता कम होने की वजह से मेडिकल कालेज में वर्ल्ड रेटिनोब्लास्टोमा वीक मनाया जा रहा है। प्रो. आर्या ने बताया कि अभिभावक खुद अपने बच्चों में रेटिनोब्लास्टोमा का पता लगा सकते हैं।
रेटिनोब्लास्टोमा का पता पैरेंट्स बच्चे की दोनों आंखों की मध्यम रोशनी में फ्लैश से फोटो खींच कर लगा सकते हैं। अगर इसमें एक आंख लाल और दूसरी सफेद आए तो समझ जाइए कि बच्चे को यह बीमारी हो सकती है। इसके बाद तुरंत डाक्टर से चर्चा करनी चाहिए।