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World Children's Day 2022: कितने प्रकार के होते हैं बाल अधिकार? जानें बच्चों के समग्र विकास के लिए इसका महत्व

Sun, 20 Nov 2022 12:55 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Sun, 20 Nov 2022 12:55 AM IST
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World Children's Day 2022 and Unicef Child Rights and Importance of Bal Diwas Read Details
बाल अधिकार 2022 - फोटो : unicef

World Children's Day 2022: प्रतिवर्ष 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इन दिन व्यस्कों के समान ही बच्चों को भी अधिकार दिए जाने का फैसला लिया गया। तब से बाल दिवस, बाल अधिकारों की वर्षगांठ के तौर पर मनाया जाता है। इस वर्ष 14 नवंबर से 20 नवंबर तक बाल अधिकार सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान कई तरह के कार्यक्रमों, बच्चों के लिए ओलंपिक, भारत की सभी प्रतिष्ठित इमारतों को नीले लाइट्स से सजाया जाएगा। विश्व बाल दिवस मनाने की शुरुआत 1954 से हुई। तब इस दिन को सार्वभौमिक बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता था। 20 नवंबर 1959 के दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बाल अधिकारों पर कन्वेंशन अपनाया गया था। बाल अधिकारों के बारे में लोगों को जागरूक करने और बच्चों को समग्र विकास के लिए हर साल इस दिन को मनाया जाने लगा। आइए जानते हैं विश्व बाल दिवस के मौके पर बाल अधिकारों के बारे में।



 

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विश्व बाल दिवस और यूनिसेफ - फोटो : UNICEF

बाल अधिकार क्या है?

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1959 में बाल अधिकारों की घोषणा की। भारत ने इस घोषणा का 11 दिसंबर 1992 को समर्थन किया। हालांकि बाल अधिकारों को 20 नवंबर 2007 में स्वीकार किया गया। बाल विकास और कल्याण के लिए मार्च 2007 में भारत सरकार ने एक संवैधानिक संस्था या कमीशन बनाया, जिसका नाम राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग रखा गया। आयोग की स्थापना संसद के एक अधिनियम, 2005 के अंतर्गत हुई थी।

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विश्व बाल दिवस 2022 - फोटो : unicef

बाल अधिकार कितने प्रकार के होते हैं?

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बाल अभिसमय अपनाया। इस समझौते पर 196 राष्ट्रों ने हस्ताक्षर किए। संधि के तहत पहली बार सरकारों ने वयस्कों की तरह बच्चों के लिए मानवाधिकार तय किए। इस अभिसमय में 54 अनुच्छेद हैं। इन 54 अनुच्छेदों में बच्चों 41 विशिष्ट अधिकार दिये गये हैं। इस अनुच्छेद में पहली बार आर्थिक,सामाजिक एवं राजनीतिक अधिकार एक साथ दिए गए।

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विश्व बाल दिवस - फोटो : un.org

बच्चों के क्या अधिकार हैं?

बाल अधिकार के अंतर्गत बच्चों को जीवन का अधिकार, भोजन पोषण, स्वास्थ्य, विकास, शिक्षा, पहचान, नाम, राष्ट्रीयता, परिवार, मनोरंजन, सुरक्षा और बच्चों का गैर कानूनी व्यापार शामिल है।

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भारत में बाल अधिकार - फोटो : Istock

भारत में बाल अधिकार 

वैसे तो संविधान में 41 बाल अधिकार दिए गए हैं लेकिन इनमें से 16 अधिकार भारतीय बच्चों के लिए बहुत अहम हैं। इसमें जीवन का अधिकार मौलिक अधिकारों में से एक है। इसके अलावा भेदभाव न हो, माता-पिता की जिम्मेदारी, स्वास्थ्य सेवाएं, अच्छा जीवन स्तर, विकलांग बच्चों के लिए उचित व्यवस्था, शिक्षा की व्यवस्था, नशीले पदार्थों से बचाव, दुर्व्यवहार से रक्षा, क्रीड़ा और सांस्कृतिक गतिविधियां, अनाथ बच्चों की रक्षा, बाल श्रमिकों की सुरक्षा, यौन शोषण से बचाव, किशोर न्याय प्रबंधन, यातना-दासता पर रोक आदि अधिकार महत्वपूर्ण हैं।

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