ऋग्वेद में उत्तराखंड को देवभूमि बताया गया है। इस पावन भूमि को मनीषीयों की पूर्ण कर्म भूमि कहा गया है। क्या आप जानते हैं कि मर्यादापुरुषोत्तम भगवान राम के छोटे भाई भगवान लक्ष्मण जी का भी उत्तराखंड से नाता रहा है। लक्ष्मण जी ने अपनी आखिरी तपस्या देवभूमी उत्तराखंड में ही की थी। आगे पढ़िए कहां है वो वन जहां लक्ष्मण जी ने की थी आखिरी तपस्या
उत्तराखंड में है वो जगह जहां लक्ष्मणजी ने की थी आखिरी तपस्या, अब ट्रैकिंग के लिए है सबसे मशहूर
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Wed, 04 Nov 2020 01:17 PM IST
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