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ऐसा था हिमालय के रक्षक सुंदरलाल बहुगुणा का जीवन: हमेशा दूसरों के लिए की आवाज बुलंद, यहां जानें सबकुछ

Fri, 21 May 2021 05:47 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रकाश चंद जोशी Updated Fri, 21 May 2021 05:47 PM IST
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sunderlal bahuguna passed away life of Sunderlal Bahuguna the protector of the Himalayas was very difficult
Sunderlal Bahuguna - फोटो : facebook/https://www.facebook.com/kanjhappa

पिछले साल से कोरोना वायरस महामारी हमारे बीच है, और जहां एक तरफ ये वायरस लाखों लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है तो वहीं कई लोगों की जान भी ले रहा है। एक के बाद एक बुरी खबरों के बीच आज शुक्रवार 21 मई 2021 को खबर आई कि मशहूर पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा को कोरना ने हमसे हमेशा-हमेशा के लिए छीन लिया। उनका इलाज ऋषिकेश के एम्स में चल रहा था। सुंदरलाल बहुगुणा किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं, क्योंकि वे चिपको आंदोलन के प्रणेता रहे और यहां से उन्हें हर कोई जानने लगा। तो चलिए उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातों को जानते हैं।

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Sunderlal Bahuguna - फोटो : https://www.facebook.com/anuradha.sarang

टिहली में जन्मे थे

  • दरअसल, 9 जनवरी 1927 को सुंदर लाल बहुगुणा का जन्म उत्तराखंड के गढ़वाल में स्थित टिहरी जिले में हुआ था। अपनी युवावस्था से ही उनका सामाजिक क्षेत्र और जन सरोकारों के प्रति रुझान रहा। वे जब 18 साल के थे, तब पढ़ाई के लिए लाहौर गए और वहां जाकर उन्होंने डीएवी कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। वहीं, इसके बाद महान क्रांतिकारी शहीद श्रीदेव सुमन के कहने पर ही सुंदर लाल बहुगुणा ने सामाजिक क्षेत्र में जुड़ने का फैसला किया था। यहां आपको बता दें कि ये दोनों मित्र थे।
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Sunderlal Bahuguna - फोटो : https://www.facebook.com/profile.php?id=100008309481569

लाहौर गए पढ़ने के लिए

  • वहीं, बहुगुणा अपने छात्र जीवन के समय से ही गांधीवादी विचारों से प्रभावित हुए और सादा जीवन उच्च विचार के रास्ते पर आगे बढ़ पड़े। जब वे 23 साल के थे, तो साल 1956 में वे बिमला देवी के साथ शादी के पवित्र बंधन में बंध गए। शादी के बाद उन्होंने अपनी जीवन की दिशा को बदलते हुए प्रकृति की सुरक्षा और सामाजिक हितों से जुड़े आंदोलनों में अपना योगदान देने लगे।
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Sunderlal Bahuguna - फोटो : https://www.facebook.com/sureshchandra.dumka.5

ऐसे कहलाए गए 'हिमालय के रक्षक'

  • सुंदर लाल बहुगुणा ने अपने जीवन में कई आंदोलन चलाए, जिसमें मंदिरों में हरिजनों को प्रवेश करवाने के अधिकार को दिलाने के लिए, छुआछूत के मुद्दे को लेकर, महिलाओं के हक में आवाज उठाने को लेकर समेत कई आंदोलन शामिल हैं। महात्मा गांधी से प्रेरणा लेकर उन्होंने हिमालय के बचाव का भी काम शुरू किया, और जिंदगीभर इसको लेकर अपनी आवाज बुलंद की और इसी वजह से उन्हें हिमालय का रक्षक भी कहा गया।
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Sunderlal Bahuguna - फोटो : https://www.facebook.com/shishir.prashant

की थी पांच हजार किलोमीटर की यात्रा

  • पर्यावरण संरक्षण को लेकर साल 1980 में उन्होंने पांच हजार किलोमीटर की यात्रा की थी। उस वक्त उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से 15 साल तक पेड़ काटने इजाजत न देने की मांग उठाई थी। वहीं, उनकी ये मांग मानी गई थी।
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