पति की लंबी आयु के लिए हरितालिका तीज के व्रत का विशेष महत्व होता है। हरितालिका तीज भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस दिन माता पार्वती और शिव की पूजा करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है और सुहाग को लंबी उम्र मिलती है। इसीलिए महिलाएं पूरे दिन निराहार रहकर इस व्रत को पूर्ण करती हैं और शाम के समय विशेष पूजन की जाती है। माना जाता है कि यह व्रत करने से मां गौरा प्रसन्न होती हैं और महिला को सुहागिन बनी रहने का वरदान देती हैं। हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि हरितालिका तीज के व्रत को लेकर कई प्रकार के नियम हैं जिनका पालन करना विशेष आवश्यक माना जाता है। इन नियमों में की गई चूक से व्रत के खंडित होने का डर रहता है।
Hartalika Teej 2021: महिलाओं को व्रत के दिन भूलकर भी नहीं करने चाहिए ऐसे काम, जीवन में आ सकती है अड़चन
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किसी पर भी न करें क्रोध
धर्म विशेषज्ञों की मानें तो तीज के व्रत के दौरान महिलाओं को अपने मन को शांत रखकर मां गौरा की आराधना करनी चाहिए। इस दिन किसी पर भी क्रोध नहीं करना चाहिए, सभी से प्रेम से बात करनी चाहिए। हाथों पर मेंहदी लगाने का भी यही कारण होता है। मेंहदी हाथ को सुंदर बनाने के साथ गुस्से को शांत रखने में सहायक मानी जाती है। व्रत के दिन सभी से प्रेम व्यवहार बनाए रखें।
कुछ भी खाने से बचें
मान्यताओं के अनुसार हरितालिका तीज का व्रत निराहार रखना चाहिए, दिन में कुछ भी नहीं खाना चाहिए। हालांकि कुछ विशेष स्थितियों जैसे गर्भवती महिलाओं और बीमार महिलाओं को इन नियमों में छूट दी जाती है। हरितालिका तीज का व्रत निर्जला रखने को ज्यादा लाभप्रद माना जाता है।
सोने से बचें
व्रत के दिन महिलाओं को सोना नहीं चाहिए। मान्यताओं को अनुसार इस दिन माता पार्वती और शिव की पूजा करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है, ऐसे में इनकी आराधना करनी चाहिए।हरितालिका तीज का व्रत जितने विधि-विधान के साथ रखा जाता है उसके उतने ही लाभ होते हैं।
धर्म विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्रत को तभी पूरा माना जा सकता है जब आप उसे पूरी श्रृद्धा और निष्ठा के साथ साफ मन से करें। हरितालिका तीज का व्रत चूंकि बड़े ही विधि-विधान वाला होता है ऐसे में इस व्रत के दौरान किसी भी प्रकार से अपने मन में किसी के लिए द्वेष और ईर्ष्या की भावना को न लाएं। सभी लोगों का सम्मान करें।