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सावधान! युवाओं में बढ़ रहा इन बीमारियों का खतरा, खराब लाइफस्टाइल बन रही बड़ी वजह
Wed, 26 Aug 2026 10:27 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 26 Aug 2026 10:27 AM IST
सार
Common Health Problems in Youths: आजकल के समय में युवा अपने जीवन में इस कदर व्यस्त हो गए हैं कि उन्हें अपनी सेहत के बारे में भी याद नहीं रहता। ऐसे में कुछ बीमारियां उन्हें घेर लेती हैं। यहां हम आपसे इसी बारे में बात करेंगे।
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युवाओं में बढ़ रहा इन बीमारियों का खतरा, खराब लाइफस्टाइल बन रही बड़ी वजह
- फोटो : AI
Common Health Problems in Youths: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में युवा करियर, पढ़ाई और काम के बीच अपनी सेहत को नजरअंदाज कर रहे हैं। देर रात तक जागना, घंटों मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल, जंक फूड का अधिक सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और लगातार बढ़ता तनाव अब सामान्य जीवनशैली का हिस्सा बनते जा रहे हैं। इसका असर युवाओं की सेहत पर भी दिखाई दे रहा है।
युवाओं में बढ़ रहा इन बीमारियों का खतरा
- फोटो : ANI
1. मोटापा
युवाओं में मोटापा तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। लंबे समय तक बैठकर काम या पढ़ाई करना, नियमित एक्सरसाइज न करना, फास्ट फूड और ज्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन वजन बढ़ने की वजह बन सकता है। लगातार बढ़ता वजन शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। मोटापे को केवल शरीर की बनावट से जोड़कर नहीं देखना चाहिए, क्योंकि यह कई अन्य बीमारियों का जोखिम कारक हो सकता है।
युवाओं में मोटापा तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। लंबे समय तक बैठकर काम या पढ़ाई करना, नियमित एक्सरसाइज न करना, फास्ट फूड और ज्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन वजन बढ़ने की वजह बन सकता है। लगातार बढ़ता वजन शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। मोटापे को केवल शरीर की बनावट से जोड़कर नहीं देखना चाहिए, क्योंकि यह कई अन्य बीमारियों का जोखिम कारक हो सकता है।
युवाओं में बढ़ रहा इन बीमारियों का खतरा
- फोटो : Adobe Stock
2. टाइप-2 डायबिटीज
टाइप-2 डायबिटीज को पहले अधिक उम्र के लोगों से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब कम उम्र में भी इसका निदान हो रहा है। अधिक वजन, शारीरिक निष्क्रियता, असंतुलित खान-पान और परिवार में डायबिटीज का इतिहास इसके जोखिम को बढ़ा सकता है। शुरुआती दौर में इसके लक्षण हमेशा स्पष्ट नहीं होते। ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान, धुंधला दिखाई देना या बिना वजह वजन कम होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, इन लक्षणों के अन्य कारण भी हो सकते हैं।
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युवाओं में बढ़ रहा इन बीमारियों का खतरा
- फोटो : Freepik.com
3. हाई ब्लड प्रेशर
हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षणों के रह सकता है। युवाओं में बढ़ता वजन, ज्यादा नमक का सेवन, कम शारीरिक गतिविधि, धूम्रपान, शराब और लंबे समय का तनाव इसके जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं। अगर ब्लड प्रेशर लंबे समय तक नियंत्रित न रहे तो यह हृदय, किडनी और मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षणों के रह सकता है। युवाओं में बढ़ता वजन, ज्यादा नमक का सेवन, कम शारीरिक गतिविधि, धूम्रपान, शराब और लंबे समय का तनाव इसके जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं। अगर ब्लड प्रेशर लंबे समय तक नियंत्रित न रहे तो यह हृदय, किडनी और मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है।
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युवाओं में बढ़ रहा इन बीमारियों का खतरा
- फोटो : Freepik.com
4. फैटी लिवर
फैटी लिवर में लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है। आजकल इसे मोटापा, मेटाबॉलिक समस्याओं, इंसुलिन रेजिस्टेंस और अस्वस्थ खान-पान से भी जोड़ा जाता है। कई लोगों में शुरुआत में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, इसलिए यह समस्या जांच के दौरान सामने आ सकती है। कुछ लोगों में थकान या पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में असहजता महसूस हो सकती है, लेकिन केवल लक्षणों के आधार पर फैटी लिवर की पुष्टि नहीं की जा सकती।
फैटी लिवर में लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है। आजकल इसे मोटापा, मेटाबॉलिक समस्याओं, इंसुलिन रेजिस्टेंस और अस्वस्थ खान-पान से भी जोड़ा जाता है। कई लोगों में शुरुआत में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, इसलिए यह समस्या जांच के दौरान सामने आ सकती है। कुछ लोगों में थकान या पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में असहजता महसूस हो सकती है, लेकिन केवल लक्षणों के आधार पर फैटी लिवर की पुष्टि नहीं की जा सकती।