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World Health Day: 4 करोड़ से अधिक लोग अंधेपन के शिकार, डॉक्टर ने आंखों को स्वस्थ रखने के लिए बताए दो मूल-मंत्र

Sun, 07 Apr 2024 11:16 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 07 Apr 2024 11:16 AM IST
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world health day Blindness and vision impairment causes and prevention tips in hindi
युवाओं में बढ़ती अंधेपन का खतरा - फोटो : iStock

आंखें ईश्वर का वरदान हैं जिनकी मदद से हम दुनियाभर के खूबसूरत नजारों का आनंद ले पाते हैं। हालांकि पिछले एक-दो दशकों में आंखों से संबंधित कई प्रकार की बीमारियों को तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। इतना ही नहीं कम उम्र के लोगों में भी आंखों से संबंधित कई तरह की दिक्कतें जैसे समय से पहले चश्मा लगने, कम दिखने और गंभीर स्थितियों में अंधेपन तक का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ये दुनियाभर के लिए गंभीर चिंता का विषय है, जिसपर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।



दुनियाभर में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर लोगो में जागरूकता बढ़ाने और बीमारियों से बचाव को लेकर उन्हें शिक्षित करने के उद्देश्य से  हर साल सात अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।

इस लेख में हम तेजी से बढ़ती आंखों की समस्याओं-अंधेपन के जोखिमों के बारे में जानेंगे।

 

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आंखों की समस्याओं के बारे में जानिए - फोटो : iStock

बढ़ गया है अंधेपन का खतरा

आंकड़ों से पता चलता है कि 50 वर्ष और उससे अधिक आयु की आबादी के बीच अंधेपन और दूर-निकट दृष्टि हानि की समस्या सबसे अधिक देखी जाती है, हालांकि ये दिक्कत कम उम्र के लोगों में भी बढ़ी है। डेटा के मुताबिक साल 2020 में दुनियाभर में लगभग 43.3 मिलियन लोग अंधेपन से पीड़ित थे और 295 मिलियन (29.5 करोड़) लोगों को मध्यम और गंभीर दृष्टि हानि की दिक्कत रिपोर्ट की गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आंखों की समस्याओं पर सभी लोगों को ध्यान देते रहना और इससे बचाव को लेकर सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है।

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कम उम्र के लोगों में आंखों की दिक्कतें - फोटो : iStock

क्या है विशेषज्ञ की राय? 

अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सुरभि चौधरी बताती हैं, दृष्टि हानि क्वालिटी ऑफ लाइफ को प्रभावित करने वाली समस्या है। समय पर गुणवत्तापूर्ण आंखों की देखभाल और टेस्टिंग के माध्यम से समस्याओं का निदान और इसके जोखिमों को रोका जा सकता है। मोतियाबिंद,ग्लूकोमा, ड्राई आइज जैसी समस्याओं पर अगर शुरुआत में ही ध्यान दे दिया जाए तो इसके गंभीर दुष्प्रभावों और इसके कारण होने वाले अंधेपन की दिक्कत को रोका जा सकता है। 

लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी आंखों की बढ़ती दिक्कतों का  प्रमुख कारण हो सकती है, इसे ठीक रखने के साथ कम उम्र से ही दो उपाय आपकी आंखों से संबंधित गंभीर समस्याओं और अंधेपन के खतरे को काफी हद तक कम करने में मदद कर सकती हैं।

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आहार में करें सुधार - फोटो : istock

लाइफस्टाइल और आहार का रखें ध्यान

डॉ कहती हैं, लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखकर न सिर्फ आप आंखों बल्कि संपूर्ण शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं। भोजन में कई रंग की सब्जियों-फलों को शामिल करना आंखों की सेहत के लिए बहुत आवश्यक है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी (एएओ) का कहना है कि गहरे रंग की हरी पत्तेदार सब्जियां ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे पोषक तत्व प्रदान करती हैं, जो पुरानी आंखों की बीमारियों को कम करते हैं। इसके अलावा नियमित व्यायाम करना और धूम्रपान से दूरी बनाना आंखों की बेहतर सेहत के लिए बहुत जरूरी है।

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आंखों की नियमित जांच जरूरी - फोटो : istock

आंखों की नियमित जांच कराएं

डॉ सुरभि कहती हैं, आंखों की समस्याओं का अगर समय रहते निदान और इलाज हो जाए तो इससे किसी गंभीर समस्या के खतरे को कम किया जा सकता है इसलिए जरूरी है कि आप सालाना किसी विशेषज्ञ से आंखों की जांच जरूर कराते रहें, भले ही आपको किसी तरह की दिक्कत न हो। ये सावधानी भविष्य में होने वाली किसी समस्या से बचाने में मददगार हो सकती है।

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए आंखों की सेहत का गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी हो जाता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 

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