डायबिटीज वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, इसका जोखिम साल-दर-साल बढ़ता ही जा रहा है। अगर आप भी इसे उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी मानते आ रहे हैं तो आपको फिर से विचार करने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए ये बीमारी खतरनाक है। इसलिए सभी डायबिटीज के बारे में जानना और इससे बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहना जरूरी है।
World Diabetes Day 2024: अनुमान से दोगुना बढ़ गए डायबिटीज रोगी, 60% मरीज इन छह देशों में; जानिए भारत की स्थिति
द लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार दुनिया भर में 828 मिलियन (82.8 करोड़) से अधिक वयस्कों को मधुमेह है। मधुमेह के आधे से अधिक मामले चार देशों रिपोर्ट किए गए हैं, जिसमें भारत में सबसे ज्यादा रोगी हैं।
अनुमान से ज्यादा बढ़ गए रोगी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस बढ़ती गंभीर समस्या को लेकर सभी लोगों को लगातार सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है। लैंसेट में प्रकाशित वैश्विक विश्लेषण में पाया गया कि वयस्कों में मधुमेह की दर 1990 से 2022 के बीच लगभग 7% से दोगुनी होकर अब लगभग 14% हो गई है। निम्न और मध्यम आय वाले देशों में डायबिटीज के मामलों में सबसे अधिक वृद्धि हुई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से वैज्ञानिकों की एक टीम ने 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के 140 मिलियन से अधिक लोगों के डेटा और विभिन्न देशों में किए गए 1,000 से अधिक अध्ययनों का विश्लेषण करके ये परिणाम प्राप्त किए हैं।
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भारत में चीन-अमेरिका से ज्यादा मरीज
इस अध्ययन में विशेषज्ञों ने बढ़ती स्वास्थ्य असमानताओं पर भी प्रकाश डाला है। दुनियाभर में मधुमेह के आधे से अधिक मामले चार देशों रिपोर्ट किए गए हैं। साल 2022 में मधुमेह से पीड़ित लोगों में से एक चौथाई से अधिक (212 मिलियन यानी करीब 21.2 करोड़) भारत में थे। वहीं चीन में डायबिटीज के 14.8 करोड़, अमेरिका में 4.2 करोड़ और पाकिस्तान में 3.6 करोड़ मरीज थे। इंडोनेशिया और ब्राजील में क्रमशः 2.5 करोड़ और 2.2 करोड़ लोगों को मधुमेह का शिकार पाया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, साल 2022 में मधुमेह से पीड़ित लगभग 60% लोग सिर्फ छह देशों में ही थे।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष और अध्ययन के लेखकों में से एक डॉ. रंजीत मोहन अंजना ने कहा, मधुमेह के बढ़ते मामलों और इसके घातक परिणामों को देखते हुए सभी लोगों को स्वस्थ आहार और व्यायाम के माध्यम से इसे नियंत्रित करने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए।
हमारे निष्कर्ष दुनिया के कम आय वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों को प्रतिबंधित करने और स्वस्थ खाद्य आदतों को बढ़ावा देने पर जोर देते हैं।
डायबिटीज की रोकथाम जरूरी
इंपीरियल कॉलेज लंदन में स्वास्थ्य विशेषज्ञ और अध्ययन के लेखकों में से एक माजिद इज्जती कहते हैं, ये विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि निम्न आय वाले देशों में मधुमेह से पीड़ित लोग आमतौर पर कम उम्र के होते हैं। प्रभावी उपचार के अभाव में ऐसे लोगों में स्वास्थ्य संबंधित कई तरह की जटिलताओं का खतरा जीवनभर बना रहता है। ये स्थिति हृदय रोग, किडनी डैमेज की समस्या, आंखों की रोशनी कम होने और गंभीर स्थितियों और पैर या अन्य अंगों के काटने का भी कारण बन सकती है।
इन सभी के कारण स्वास्थ्य क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ता जा रहा है, इसलिए मधुमेह के प्रबंधन और इसकी रोकथाम के बारे में सभी लोगों को जानना और बचाव के उपाय करते रहना जरूरी है।
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स्रोत और संदर्भ
828 million people are living with diabetes worldwide
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