World Diabetes Day 2024: डायबिटीज एक वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है जिसका खतरा कम उम्र के लोगों में भी देखा जा रहा है। एक डेटा के अनुसार दुनियाभर में 800 मिलियन (80 करोड़) वयस्क मधुमेह से पीड़ित हैं। समय के साथ ये समस्या और भी बढ़ती जा रही है, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है।
World Diabetes Day: देश में 50% लोगों को पता ही नहीं कि उन्हें डायबिटीज है, ऐसे लक्षण हैं तो हो जाइए सावधान
- भारत में मधुमेह के बढ़ते रोगियों के कारण इसे डायबिटीज कैपिटल भी कहा जाता है।
- भारतीय शहरों में, लगभग 10 से 12% वयस्क आबादी मधुमेह से पीड़ित हैं।
- देश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जिन्हें डायबिटीज तो है पर वे इससे अनजान हैं।
आधे से अधिक लोग बीमारी से अनजान
भारत में डायबिटीज के जोखिमों को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक रिपोर्ट में बताया कि देश में 50% से ज्यादा लोगों को अपनी मधुमेह की स्थिति के बारे में पता ही नहीं है। अगर समय रहते इसका निदान न किया जाए और इलाज न हो पाए तो स्वास्थ्य संबंधी कई गंभीर जटिलताएं विकसित हो सकती हैं।
डायबिटीज में शुगर का लेवल सामान्य से अधिक बना रहता है, अगर इसे कंट्रोल करने के लिए दवा या उपचार न लिए जाएं तो समय के साथ आंखें, किडनी खराब होने और तंत्रिकाओं से संबंधित समस्या होने का खतरा हो सकता है।
डायबिटीज की गंभीर स्थिति
भारत में अनुमान है कि 18 वर्ष से अधिक आयु के 77 मिलियन (7.7 करोड़) लोग टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित हैं और लगभग 25 मिलियन (ढाई करोड़) प्रीडायबिटिक हैं, जिनमें निकट भविष्य में मधुमेह विकसित होने का उच्च जोखिम हो सकता है। 50% से अधिक लोगों को पता ही नहीं है कि उन्हें डायबिटीज है, जोकि एक गंभीर चिंता का विषय है।
मधुमेह के शिकार लोगों में दिल के दौरे और स्ट्रोक का जोखिम दो से तीन गुना अधिक देखा जाता। डायबिटीज की गंभीर स्थिति में पैरों में रक्त प्रवाह में कमी आ जाती है। इसके अलावा न्यूरोपैथी (तंत्रिका क्षति) के कारण पैरों में अल्सर, संक्रमण और अंततः कुछ लोगों में पैरों को काटने की भी नौबत हो सकती है।
कैसे जानें कहीं आपको भी तो नहीं है डायबिटीज?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ लक्षणों के माध्यम से जाना जा सकता है कि कहीं आपको ये बीमारी तो नहीं हैं? जिनके माता-पिता में से किसी को मधुमेह की दिक्कत रही हो उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। डायबिटीज में शुगर का लेवल बढ़े रहने के कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
मधुमेह से पीड़ित लोगों को बार-बार पेशाब आने (खासकर रात में) की समस्या होती है। आपको अधिक प्यास लग सकती है, बिना किसी कारण के वजन घटना, अक्सर थका हुआ या कमजोर महसूस करना, हाथ या पैर में सुन्नपन या झुनझुनी होना, घावों को ठीक होने में अधिक समय लगना या समय के साथ नजरों का कमजोर होना संकेत हो सकता है कि आप डायबिटीज से पीड़ित हैं।
डायबिटीज कैपिटल भारत
भारत में मधुमेह के बढ़ते रोगियों के कारण इसे डायबिटीज कैपिटल भी कहा जाता है। भारतीय शहरों में, लगभग 10 से 12% वयस्क आबादी मधुमेह से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं ये बीमारी स्वास्थ्य क्षेत्र पर दबाव बढ़ाती जा रही है साथ ही कई अन्य बीमारियों का कारण भी बनती है, इसलिए इससे बचे रहने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना जरूरी है।
-------------------
स्रोत और संदर्भ
Diabetes in India
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।