क्या आपको भी अक्सर चलते-चलते अचानक आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है, शरीर उड़ने जैसे लगता है? अक्सर लोग इसे कमजोरी, गर्मी या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन बार-बार होने वाली बेहोशी को हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए। कई बार यह शरीर में बढ़ रही गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है।
Fainting: आप भी बार-बार हो जाते हैं बेहोशी का शिकार? कहीं ये गंभीर बीमारी तो नहीं
बेहोशी तब होती है, जब कुछ समय के लिए मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। अधिकांश मामलों में व्यक्ति कुछ ही मिनटों में सामान्य हो जाता है, लेकिन अगर बेहोशी बार-बार हो रही है, बिना किसी स्पष्ट कारण के हो रही है।
बेहोशी की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बेहोशी होने के कई कारण हो सकते हैं। लंबे समय तक खड़े रहने, डिहाइड्रेशन या तनाव के कारण कुछ लोग बेहोशी का शिकार हो सकते हैं।डायबिटीज, एनीमिया, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और लो ब्लड प्रेशर के कारण भी ये दिक्कतें हो सकती हैं।
विशेषज्ञ कहते हैं, बेहोशी के कारणों का समय रहते पता लगाया जाए तो उनका इलाज संभव है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कब बेहोशी सामान्य प्रतिक्रिया है और कब यह मेडिकल इमरजेंसी बन सकती है। यदि बार-बार बेहोशी हो रही है तो डॉक्टर की सलाह लेकर जांच कराना जरूरी है।
आपका ब्लड प्रेशर अक्सर रहता है लो?
बेहोशी का सबसे सामान्य कारण अचानक ब्लड प्रेशर लो हो जाना है। जब बीपी तेजी से कम होता है तो मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता और व्यक्ति कुछ समय के लिए बेहोश हो सकता है। लंबे समय तक खड़े रहना, बैठे रहने के बाद अचानक खड़े होना, शरीर में पानी की कमी या कुछ दवाएं लो बीपी का कारण बन सकती हैं।
कई लोगों को बेहोशी से पहले चक्कर आने, धुंधला दिखने, ठंडा पसीना आने और कमजोरी महसूस होती है।
दिल की समस्याओं का हो सकता है संकेत
अगर बिना किसी चेतावनी के अचानक बेहोशी हो जाए तो इसके पीछे हृदय संबंधी कारण हो सकते हैं।
- दिल की धड़कन बहुत तेज या फिर बहुत धीमी होने पर शरीर और मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता।
- कुछ मामलों में हार्ट वाल्व की बीमारी, कार्डियोमायोपैथी या अन्य हृदय रोग भी जिम्मेदार हो सकते हैं।
- यदि बेहोशी के साथ सीने में दर्द, सांस फूलने जैसे लक्षण भी हैं तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानकर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
डिहाइड्रेशन और शुगर लो होना भी है कारण
गर्मी, बुखार, उल्टी-दस्त जैसी स्थितियों या फिर पर्याप्त पानी न पीने से शरीर में जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इससे मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकती है। ऐसे में व्यक्ति को कमजोरी, चक्कर और बेहोशी हो सकती है।
- इसके अलावा अगर आपका ब्लड शुगर बहुत लो रहता है तो इससे भी बेहोशी का खतरा बढ़ जाता है। डायबिटीज के मरीजों को अपने शुगर लेवल पर निरंतर ध्यान देते रहना चाहिए।
डॉक्टर कहते हैं, बेहोशी के खतरे को कम करने के लिए खूब पानी पीते रहने और लंबे समय तक खाली पेट न रहें। संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच कराना और डॉक्टर की सलाह लेते रहना भी जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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