थायरॉयड रोग, वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में से है, जिसका खतरा हर उम्र के लोगों में हो सकता है। थायरॉयड ग्रंथि से शरीर के कार्यों के लिए आवश्यक हार्मोन्स रिलीज होते हैं जो मेटाबॉलिज्म से लेकर पाचन जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक हैं। वैसे तो थायरॉयड रोग किसी को भी प्रभावित कर सकता है, लेकिन कुछ लोगों को दूसरों की तुलना में इसका जोखिम अधिक हो सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को थायरॉयड की समस्या होने का अधिक खतरा होता है।
World Thyroid Day 2023: महिलाओं में थायरॉयड विकारों का जोखिम अधिक, इससे प्रजनन क्षमता पर हो सकता है गंभीर असर
महिलाओं में थायरॉयड की समस्या
महिलाओं में इस विकार का अधिक जोखिम होने के साथ कुछ अतिरिक्त लक्षण भी देखे जा सकते हैं। यह मासिक धर्म चक्र और प्रजनन क्षमता से संबंधित समस्याओं के साथ शरीर को और भी कई प्रकार से प्रभावित करने वाली हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, थायरॉयड से संबंधित समस्याओं का महिला की प्रजनन प्रणाली पर भी असर हो सकता है।
हार्मोन्स के स्तर में होने वाले असंतुलन के कारण आपको कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है, जिसके दीर्घकालिक दुष्प्रभावों का भी खतरा रहता है।
महिलाओं में थायरॉयड रोग के कारण हो सकती हैं ये दिक्कतें
थायरॉयड की समस्या का समय रहते निदान और उपचार किया जाना आवश्यक होता है, यह आपके शरीर के लिए कई प्रकार से समस्याकारक हो सकती है।
- लड़कियों में थायरॉयड विकार प्यूबर्टी की शुरुआत में देरी या तेज कर सकती है।
- थायरॉयड हार्मोन का असामान्य स्तर आपके पीरियड्स को लो या हैवी बना सकता है।
- कुछ मामलों में, थायरॉयड विकार आपके मासिक चक्र को अनियमित बना सकते हैं या मासिक धर्म को पूरी तरह से रोक भी सकते हैं।
- थायरॉयड विकार प्रजनन संबंधी समस्याएं भी पैदा कर सकती है। अंडरएक्टिव थायरॉइड में आपको ओवेरियन सिस्ट विकसित होने का अधिक खतरा रहता है।
- यदि आप गर्भवती हैं तो हाइपरथायरायडिज्म के कारण गंभीर मॉर्निंग सिकनेस होने का खतरा हो सकता है।
- गर्भावस्था में हाइपोथायरायडिज्म की समस्या, समय से पहले प्रसव, गर्भपात और अन्य गंभीर जटिलताओं के जोखिम का कारण बन सकती है।
क्या है विशेषज्ञों की सलाह?
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ आरती सिंह बताती हैं, महिलाओं में थायरॉयड विकारों से जुड़े जोखिमों को सही उपचार से प्रबंधित किया जा सकता है, हालांकि इसके लिए आवश्यक है कि आप अपने लक्षणों की समय रहते पहचान कर इलाज कराएं। थायरॉयड विकारों के संभावित संकेतों में थकान, अस्पष्ट रूप से वजन घटने या बढ़ने की समस्या, मूड या ऊर्जा के स्तर में परिवर्तन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इन सभी पर महिलाओं को विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है।
लाइफस्टाइल को ठीक रखना बहुत आवश्यक
डॉ. आरती कहती हैं, थायरॉयड विकारों के बढ़ने का एक कारण खराब होती लाइफस्टाइल भी है, यह पुरुषों-महिलाओं, सभी के लिए आवश्यक है कि आप लाइफस्टाइल को ठीक रखें, जिससे इस रोग के जोखिम को कम किया जा सके। आहार में पौष्टिक चीजों को शामिल करने के साथ नियमित व्यायाम की आदत सभी के लिए आवश्यक है। यदि आप धूम्रपान-शराब का सेवन करती हैं तो इसे तुरंत छोड़ दें, ये आपकी जटिलताओं को बढ़ा सकती है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।