यह सर्वविदित है कि अगर हमारा आहार स्वस्थ और पौष्टिक है तो शरीर में कई प्रकार की बीमारियों का जोखिम कम हो जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को भोजन में सब्जियों-फलों को अधिक मात्रा में शामिल करने की सलाह देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आहार से संबंधित कुछ खराब आदतों को काफी तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है जिसके असल में कई गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं।
Study: ब्लड प्रेशर की दिक्कत न हो फिर भी कम कर दीजिए इस चीज का सेवन, इससे गर्दन-हृदय में बढ़ा रही है ब्लॉकेज
नमक का अधिक सेवन बहुत हानिकारक
शोधकर्ता बताते हैं कि नमक का अधिक सेवन उच्च रक्तचाप के कारण दिल के दौरे और स्ट्रोक के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है। इसी को लेकर स्वीडन में हुए एक शोध से पता चलता है कि आहार में बहुत अधिक नमक के कारण गर्दन और हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज का खतरा अधिक हो सकता है। भले ही आपको रक्तचाप की समस्या न हो पर अगर आप नमक का अधिक सेवन करते हैं तो यही एक आदत दिल के दौरे और स्ट्रोक के जोखिमों को कई गुना तक बढ़ाने वाली हो सकती है।
शोध में क्या पता चला?
यूरोपीय हार्ट जर्नल ओपन ऑनलाइन प्रकाशित इस शोध में अध्ययन के लेखक जोनास वुओपियो कहते हैं, हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि नमक का अधिक सेवन उच्च रक्तचाप विकसित होने से पहले ही शरीर को नुकसान पहुंचाने लगता है। यह पहला ऐसा अध्ययन है जिसमें पाया गया है कि नमक का अधिक सेवन, सिर-गर्दन दोनों की धमनियों को सख्त बनाने का कारण बन रहा है। यानी नमक का अधिक सेवन आपमें एथेरोस्क्लेरोसिस के जोखिम से जुड़ी हुई है।
एथेरोस्क्लेरोसिस, धमनियों में प्लाक बनने की समस्या है। संयुक्त राज्य अमेरिका में एथेरोस्क्लेरोसिस से जुड़ी बीमारी मौत के प्रमुख कारणों में से है। अनुमान के मुताबिक 45 से 84 वर्ष के बीच के लगभग 40 फीसदी लोगों को एथेरोस्क्लेरोसिस हो सकती है।
क्या है विशेषज्ञों की सलाह?
शोधकर्ताओं ने पाया कि हम जितना अधिक नमक का सेवन करते हैं, हृदय और गर्दन की धमनियों में कैल्सीफिकेशन का खतरा उतना ही अधिक होता है। वुओपियो कहते हैं, "इसका मतलब है कि केवल उच्च रक्तचाप या हृदय रोगियों को ही नहीं, सभी लोगों को नमक के सेवन पर ध्यान देने की जरूरत है। यह अनुमान लगाना कठिन हो सकता है कि हम कितना नमक खाते हैं, इसलिए मैं रोगियों को टेबलेट के फॉर्म में नमक के सेवन की सलाह देता हूं, जिससे इसके उपयोग को सीमित किया जा सके।''
शोधकर्ताओं ने सचेत किया है कि सिर्फ भोजन ही नहीं, कई फास्ट-जंक फूड में भी नमक की अधिकता हो सकती है। अगर इसमें सुधार न किया गया तो आने वाले दशकों में हार्ट डिजीज के मामले और भी बढ़ने की आशंका है।
--------------
स्रोत और संदर्भ
High salt diet associated with hardened arteries even in people with normal blood pressure
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।