अक्सर माना जाता रहा है कि उम्र बढ़ने के साथ आंखों की रोशनी कम होती जाती है। इतना ही नहीं 50 की आयु के बाद सामान्यतौर पर मोतियाबिंद जैसी आंखों से संबंधित कई तरह की बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अगर कम आयु से ही स्वस्थ जीवनशैली और पौष्टिक आहार के सेवन की आदत बना ली जाए तो बुढ़ापे तक आंखों की रोशनी को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। नेत्र रोग विशेषज्ञों का मानना है कि आहार की समस्या आंखों की सेहत को अधिक प्रभावित कर सकती है, इसलिए सभी लोगों को नियमित आहार में जिंक, कॉपर, विटामिन सी, विटामिन ई और बीटा कैरोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को अवश्य शामिल करना चाहिए।
आज का हेल्थ टिप्स: इन चीजों के सेवन की डाल लीजिए आदत, बुढ़ापे तक बनी रहेगी आंखों की रोशनी
मछली खाना है फायदेमंद
आंखों को सेहतमंद रखने और लंबे समय तक रोशनी को बेहतर बनाए रखने के लिए आहार में तमाम तरह की मछलियों को शामिल करना विशेष लाभकारी हो सकता है। मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड का समृद्ध स्रोत मानी जाती हैं। मछलियों की त्वचा और पेट में तेल होता है जो शरीर के लिए आवश्यक ओमेगा-3 की पूर्ति करने में सहायक हो सकता है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि मछली का तेल आंखों में सूखपेन की समस्या से राहत दिला सकती है।
खट्टे फल और हरी पत्तेदार सब्जियां
खट्टे फल विटामिन-सी और हरी पत्तेदार सब्जियां एंटीऑक्सिडेंट्स और खनिजों से भरपूर होती हैं। आंखों की सेहत के लिए विटामिन-ई वाली चीजों का भी अधिक सेवन किया जाना चाहिए। इसके अलावा विटामिन-सी उम्र से संबंधित आंखों की क्षति को रोकने में कारगर मानी जाती है। पत्तेदार हरी सब्जियों में ल्यूटिन और ज़ेक्सैन्थिन जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो आंखों की सेहत को बेहतरीन बनाए रखने में काफी सहायक मानी जाती हैं। इनका सेवन आंखों की कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम कर सकता है।
आंखों के लिए फायदेमंद है गाजर
गाजर खाना, आंखों के लिए सबसे फायदेमंद खाद्य पदार्थों में से एक माना जाता है। गाजर विटामिन-ए और बीटा कैरोटीन दोनों से भरपूर होती है। बीटा कैरोटीन गाजर को नारंगी रंग देता है। विटामिन-ए आंखों की रोशनी को बेहतर बनाए रखने में आवश्यक भूमिका निभाता है। यह रोडोप्सिन नामक प्रोटीन का एक घटक है, जो रेटिना को प्रकाश को अवशोषित करने में मदद करता है। आहार के माध्यम से विटामिन-ए वाली चीजों की पूर्ति करके आंखों से संबंधित बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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