जी घबराना या मतली आना एक सामान्य स्थिति है, इस आभास को नॉशिया कहा जाता है। नॉशिया की स्थिति कई कारणों से हो सकती है। हालांकि बार-बार महसूस होने वाली इस समस्या को लेकर सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। ध्यान न देने पर यह स्थिति शरीर के अंदरूनी अंगों पर बुरा असर डाल सकती है और गम्भीर रूप भी ले सकती है।
सेहत की बात: इन कारणों से हो सकती है जी मिचलाने- उल्टी की समस्या, जानिए कैसे पाएं इससे राहत?
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हाइड्रेशन है जरूरी
शरीर में पानी की जरूरत हमेशा ही होती है। केवल पानी या तरल पदार्थ ही नहीं, पर्याप्त पोषण भी शरीर के लिए जरूरी होता है। नॉशिया की स्थिति में भी यह संतुलन बनाए रखना आवश्यक माना जाता है। चूंकि इस स्थिति में खाना-पीना एक चुनौती हो सकती है। इसलिए ऐसी चीजों का चुनाव जरूरी है जो पोषण भी दें और फायदेमंद भी हों।
ऐसे आहार हो सकते हैं फायदेमंद
यूं फल सेहत के लिए अच्छे होते हैं लेकिन कई लोगों को नॉशिया की स्थिति में सेब जैसा फायदेमंद फल भी बुरा लग सकता है। केले का सेवन नॉशिया में मददगार हो सकता है। केले पचाने में आसान और पोषण से भरपूर होते हैं। दस्त और उल्टी की स्थिति में ये शरीर में हुए पोटेशियम की कमी को पूरा करते हैं और शरीर को ऊर्जा देते हैं।
- चावल भी पेट की कुछ स्थितियों में सहायक हो सकते हैं। खासकर पतली खिचड़ी, दही आदि के साथ। लेकिन डायबिटीज या पेट की गम्भीर समस्या की स्थिति में चावल के सेवन के पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
- ठंडे पदार्थ जैसे दही, योगर्ट, कस्टर्ड, आइसक्रीम, ठंडे फल आदि सहायक साबित हो सकते हैं। ठंडे पदार्थों में ज्यादातर कोई तेज सुगंध नहीं होती और नॉशिया के मामलों में खाद्य पदार्थों की सुगंध भी ट्रिगर का काम करती है। शोध बताते हैं कि 40 प्रतिशत से अधिक गर्भवती महिलाओं को खाने की सुगंध के कारण नॉशिया ट्रिगर हो सकता है। ऐसी स्थिति में ठंडे पदार्थ फायदेमंद होते हैं।
शरीर को ऊर्जा का रखें ध्यान
साफ पानी, नारियल पानी, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन्स (ओआरएस), स्पोर्ट ड्रिंक्स, आइस टी, बिना सोडे वाले जूस आदि पेय नॉशिया की स्थिति में राहत दे सकते हैं। इससे शरीर में पर्याप्त नमी भी बनी रहती है, साथ ही शरीर को ऊर्जा भी मिलती रहती है।
भोजन में प्रोटीनयुक्त पदार्थ शामिल करने से भी फायदा हो सकता है।इसके अलावा अदरक में मौजूद कई बायोएक्टिव कम्पाउंड जैसे जिंजरॉल, पैराडॉल और शागेल आदि केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और पेट दोनों पर असर करके नॉशिया के असर को कम करने में सहायक होते हैं।
भोजन के साथ कुछ अन्य बातों का भी ध्यान रखें।
- मुंह की साफ सफाई का ध्यान रखें। माउथवॉश का प्रयोग करें।
- खाने के तुरन्त बाद सोएं या लेटे नहीं। कम से कम आधा घण्टे बाद सोने जाएं
- भोजन और तरल दोनों कम कम मात्रा में बार-बार लें।
- लगभग हर 2-3 घण्टे के अंतराल से थोड़ा कुछ खाएं या तरल पदार्थ का सेवन करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।