Vitamin D Sunlight Vs Supplements: विटामिन डी एक ऐसा विटामिन है जिसे आमतौर पर 'सनशाइन विटामिन' के नाम से भी जाना जाता है। विटामिन डी हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। इस विटामिन को अक्सर मजबूत हड्डियों और कैल्शियम के अवशोषण से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसकी भूमिका सिर्फ हड्डियों तक ही सीमित नहीं है।
Vitamin D: धूप या सप्लीमेंट, विटामिन डी के लिए क्या है अधिक फायदेमंद? हावर्ड प्रशिक्षित डॉक्टर से जानें
- इन दिनों बहुत से लोगों में विटामिन डी की कमी देखने को मिल रही है। यह एक ऐसा विटामिन है जो सूर्य की रोशनी और खाद्य पदार्थ से हमारे शरीर को मिलता है, लेकिन जिन लोगों को इसकी कमी है उन्हें सप्लीमेंट लेना पड़ता है।
- ऐसे में आइए इस लेख में जानते हैं कि सप्लीमेंट और सनलाइट में से विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत क्या है?
विटामिन से बढ़कर हार्मोन है
डॉ. सेठी के अनुसार विटामिन डी सिर्फ एक विटामिन नहीं है, बल्कि यह शरीर में एक हार्मोन की तरह काम करता है। यह 200 से अधिक जीनों को नियंत्रित करने का काम करता है। इसका मतलब है कि यह शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों में सीधा हस्तक्षेप करता है। यही कारण है कि इसकी कमी से सिर्फ हड्डियां कमजोर नहीं होतीं, बल्कि शरीर के कई अन्य हिस्सों पर भी असर पड़ता है।
ये भी पढ़ें- World Mental Health Day 2025: डायबिटीज का मेंटल हेल्थ पर भी पड़ता है गंभीर असर, डिप्रेशन का बढ़ जाता है खतरा
View this post on Instagram
A post shared by Saurabh Sethi MD MPH | Gastroenterologist (@doctor.sethi)
अक्सर लोग सोचते हैं कि वे खाने-पीने से विटामिन डी की कमी पूरी कर सकते हैं, लेकिन डॉ. सेठी बताते हैं कि केवल सामान्य खानपान से पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी प्राप्त करना मुश्किल है। आपके शरीर को 15 मिनट की धूप से जितना विटामिन डी मिलता है, उतनी मात्रा पाने के लिए आपको ढेर सारी सैल्मन, टूना, अंडे या मशरूम खानी पड़ेगी।
ये भी पढ़ें- Health Tips: क्या आपको भी कमर से लेकर पैरों तक रहता है दर्द? हो सकता है इन चार गंभीर बीमारियों का संकेत
विटामिन डी की कमी कई वर्षों तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के रह सकती है। यह अक्सर थकान, खराब मूड या बार-बार होने वाले संक्रमण के रूप में दिखाई देती है। इस 'साइलेंट' कमी को पहचानना मुश्किल होता है, इसलिए नियमित जांच और पर्याप्त धूप लेना बहुत जरूरी है।
डॉ. सेठी ने चेतावनी दी है कि जरूरत से ज्यादा सप्लीमेंट लेना हानिकारक हो सकता है। अधिक मात्रा में सप्लीमेंट लेने से किडनी की समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए किसी भी सप्लीमेंट को लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है ताकि आप सही मात्रा और प्रकार का चुनाव कर सकें।