फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अलर्ट: बच्चों में गंभीर हो सकती है यह बीमारी, लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

Wed, 18 Aug 2021 11:28 AM IST
Rakesh Shukla राकेश शुक्ला
Updated Wed, 18 Aug 2021 11:28 AM IST
विज्ञापन
Signs and Symptoms of Autism disease in children
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

Medically Reviewed by Dr. Rakesh Shukla



डॉ. राकेश शुक्ला
पीडियाट्रिशियन तथा नियोनेटोलॉजिस्ट
रेस्पिरेटरी मेडिसिन विशेषज्ञ
बॉम्बे हॉस्पिटल, इंदौर


ऑटिज्म से ग्रसित अधिकांश बच्चों में समय के साथ फिजियोथैरेपी के बहुत अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। मुश्किल यह है कि अधिकांश पैरेंट्स स्थिति से समझौता करते हुए फिजियोथैरेपी को उस तरह नियमित नहीं करते जिस तरह  किया जाना चाहिए। दरअसल, ऑटिज्म एक तरह की न्यूरोलॉजिकल व डेवलपमेंटल डिसेबलिटी है। इसे आप साधारण शब्दों में इस तरह समझ सकते हैं कि दिमाग की बाकी शरीर से कम्युनिकेशन की क्षमता कमजोर हो जाती है। इसलिए वह किस अंग को किस तरह काम करना है यह संदेश ठीक से नहीं कर पाता। यह अवस्था बच्चे के जीवन के प्रारंभ से ही उसके साथ होती है और जीवन पर्यंत रहती है। इसका कोई ठोस इलाज नहीं है। लेकिन शोध यह साबित कर चुके हैं कि फिजियोथैरेपी, स्पेशल एजुकेशन और इलाज से ऑटिज्म पीड़ित बच्चों की स्थिति में बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है। कई बच्चों में तो 60 प्रतिशत से भी अधिक सुधार देखा गया है। जानिए कैसे फिजियोथैरेपी कर सकती है कमाल...  

Signs and Symptoms of Autism disease in children
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

कई सारी समस्याओं का ग्रुप है ऑटिज्म 

  • ऑटिज्म असल मे कई सारी समस्याओं का एक समूह होता है। इसमें मसल्स संबंधी, बातचीत करने, सोशल इंटरेक्शन, इमोशनल इन्वॉल्वमेंट संबंधी, मोटर स्किल्स (जैसे हाथ मे पेंसिल पकड़ना), चलने, बैठने आदि जैसी गतिविधियों में दिक्कत आती है। अधिकांशतः बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद ही सामान्य चेकअप में इस समस्या का पता चल सकता है, लेकिन यदि ऐसा न हो तो लक्षणों के आधार पर डॉक्टर से परामर्श ले सकते हैं। 
Signs and Symptoms of Autism disease in children
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

कैसे करती है फिजियोथैरेपी असर 

फिजियोथैरेपी की कई अलग अलग प्रक्रियाएं/विधाएं इसमें सहायक हो सकती हैं। जैसे-

  • एक्सरसाइज आधारित थैरेपी: इसमें बच्चे को उम्र के हिसाब से अलग अलग गतिविधियां करवाई जाती हैं। जैसे जंपिंग (उछलना), ताली बजाना, रस्सी कूदना, बॉल कैच करना या फेंकना आदि। 
  • मोटर स्किल्स को मजबूत बनाने के लिए: पेंसिल पकड़ने, क्रेयॉन्स या अन्य तरीकों से रंग भरवाने, बच्चों वाली कैंची पकड़ना, ब्लॉक्स आदि जमवाना आदि। 
  • बोलने में मदद के लिए थैरेपी: शब्दों पर जोर देकर उन्हें सुनकर बोलने में मदद करना। 
  • हाइड्रो थैरेपी: यानी स्वीमिंग या पानी संबंधी अन्य गतिविधियां। हालांकि इसके संबंध में विशेषज्ञों की राय अलग-अलग है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Signs and Symptoms of Autism disease in children
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

इनके अलावा भी अन्य कई तरीके हैं, जिन्हें ऑटिज्म वाले बच्चों के पोश्चर को सही बनाने, उन्हें बैठने में मदद करने आदि में मदद करने के लिए काम में लाया जाता है। उदाहरण के लिए स्पेशल बॉल्स की सहायता से मसल्स और हड्डियों को दृढ़ बनाना, संतुलन बनाने में मदद करना, कुछ उपकरणों जैसे ब्रेसेस के जरिये बच्चे के शरीर का अलाइनमेंट सही बनाने में मदद करना, कम्युनिटी आधारित एक्टिविटीज करना ताकि बच्चे समाज मे घुल मिल सकें। 

विज्ञापन
Signs and Symptoms of Autism disease in children
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

निरंतरता जरूरी 

  • इन एक्टिविटीज या फिजियोथेरेपी के लिए जरूरी है कि एक बार इन्हें शुरू करने के बाद लगातार बिना नागा इनका प्रयोग किया जाए। चाहे आप किसी हॉस्पिटल से जुड़ें या फिजियोथैरेपी क्लिनिक से, आपको एक्सरसाइज को लगातार करवाते रहना है। आप एक बार में डॉक्टर या फिजियोथैरेपिस्ट से एक्सरसाइज का तरीका सीखकर बच्चे को घर पर भी नियमित अभ्यास करवा सकते हैं। यह याद रखिए, ऑटिज्म की अवस्था वाले बच्चों को भी दया नहीं सही साथ और सहयोग की जरूरत होती है। कोशिश करते रहने से बहुत अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।  

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed