शरीर को दिनभर अच्छे तरीके से काम करते रहने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जोकि हमें भोजन से प्राप्त होती है। यही कारण कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ऐसा भोजन करने की सलाह देते हैं जो न सिर्फ शरीर को ताकत दे, बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर हो।
न्यूट्रिशन: हेल्दी डाइट के नाम पर इन बातों पर न करें आंख मूंदकर भरोसा, फायदे की जगह हो सकता है नुकसान
न्यूट्रिशन को लेकर कई ऐसी धारणाएं हैं जिन्हें लोग बिना जांचे सच मान लेते हैं। कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह खराब मानना, हेल्दी फूड को बहुत ज्यादा खाना या सप्लीमेंट को भोजन का विकल्प समझना गलत हो सकता है। कहीं आप भी पोषण को लेकर अफवाहों को सच तो नहीं मान रहे?
शरीर के पोषण का रखें ध्यान
लोगों को सही खानपान और संतुलित आहार के महत्व के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल हर साल 1 से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अच्छा स्वास्थ्य केवल भरपेट खाने से नहीं, बल्कि शरीर को नियमित रूप से सही पोषक तत्व जैसे विटामिन्स, प्रोटीन, खनिज मिलने से बनता है।
हमारे समाज में खान-पान को लेकर कई सारे मिथ्स देखे जा रहे हैं जिनका ज्यादातर लोग आंख बंद करके पालन करते हैं, पर क्या वास्तव में इससे लाभ मिलता है? आइए ऐसे ही कुछ मिथ्स को जान लेते हैं।
मिथ: कार्बोहाइड्रेट का मतलब वजन बढ़ाने वाली चीज
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें सेहत के लिए आवश्यक हैं, इसको पूरी तरह वजन बढ़ाने वाला पोषक तत्व मानना सही नहीं है। ये शरीर के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। समस्या कार्बोहाइड्रेट की मौजूदगी से ज्यादा उसके स्रोत से जुड़ी है।
- साबुत अनाज, दालें, फल और सब्जियों से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट शरीर को स्वस्थ रखने और काम करने की ऊर्जा देते हैं वहीं अत्यधिक प्रोसेस्ड, मीठे खाद्य पदार्थों से मिलने वाला कार्बोहाइड्रेट लंबे समय में वजन और ब्लड शुगर लेवल बढ़ाने वाला हो सकता है।
मिथ: फल जितना ज्यादा खाएंगे, उतना ज्यादा फायदा
फलों को हेल्दी डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, लेकिन इसे भी संतुलित मात्रा में ही खाना चाहिए। ज्यादा मात्रा में फलों के सेवन से भी नुकसान हो सकते हैं।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञों के मुताबिक 10 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को रोजाना कम से कम 400 ग्राम फल और सब्जियों खानी चाहिए।
- इससे अधिक मात्रा में कुछ फल वजन बढ़ने, शुगर और पाचन की दिक्कतें बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
मिथ: सप्लीमेंट्स से पूरी हो जाएगी पोषक तत्वों की कमी
जिस तरह से लोग अच्छी सेहत पाने के लिए खुद से सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं, स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस आदत को बहुत नुकसानदायक बताते हैं।
- सप्लीमेंट की जरूरत शरीर में पोषण तत्वों की कमी और डॉक्टर को जरूरत महसूस होने पर शुरू की जाती है।
- खुद से ही कोई सप्लीमेंट शुरू कर देना कई बार फायदे से ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है।
- पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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