हाई ब्लड प्रेशर वैश्विक स्तर पर सेहत के लिए बढ़ती सबसे गंभीर चिंताओं में से एक है। अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों का ब्लड प्रेशर अक्सर सामान्य से ज्यादा बना रहता है उनमें समय के साथ कई तरह की बीमारियों का खतरा हो सकता है। ब्लड प्रेशर बढ़े रहने से आंखों, तंत्रिकाओं, किडनी, लिवर और हार्ट सहित कई अन्य हिस्सों पर नकारात्मक असर हो सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर: बीपी की दवा लेने के बाद भी बढ़ी रहती है रीडिंग? क्या हो सकते हैं इसके कारण
ब्लड प्रेशर की दवा लेने के बावजूद रीडिंग ज्यादा रहने की वजह सिर्फ दवा का असर कम होना नहीं है। ज्यादा नमक, बढ़ता वजन, शारीरिक गतिविधियों में कमी, शराब और कुछ दूसरी दवाएं बीपी बढ़ा सकती हैं।
ब्लड प्रेशर बढ़ने रहने की वजह
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड प्रेशर को सिर्फ दवा से कंट्रोल नहीं किया जा सकता। दवा लेने के बावजूद अगर आपका खान-पान और दिनचर्या ठीक नहीं है तो इस वजह से आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ रह सकता है।
- रोजमर्रा की कुछ आदतें जैसे खाने में नमक की अधिकतता, शारीरिक गतिविधियों में कमी, वजन अधिक होना, शराब की आदत या फिर नींद की समस्या ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में बाधा बन सकती है। इसके अलावा कुछ अन्य दवाएं भी रक्तचाप को बढ़ा सकती हैं।
- इतना ही नहीं घर पर ब्लड प्रेशर नापने का गलत तरीका भी रीडिंग को जरूरत से ज्यादा दिखा सकता है। आइए जानते हैं कि कौन सी आदतें आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती हैं?
ज्यादा नमक वाली चीजें तो नहीं खा रहे आप?
दवा लेने के बावजूद अगर आप रोजाना ज्यादा नमक वाली चीजें खाते हैं तो इससे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना मुश्किल बना सकता है।
- नमक की अधिकता का मतलब सिर्फ भोजन में डाले जाने वाले नमक से नहीं है।
- अचार, पापड़, नमकीन, पैकेज्ड खाना, सॉस और कई तैयार खाद्य पदार्थों में छिपा हुआ सोडियम भी इसकी मात्रा बढ़ा सकता है।
- इसके अलावा कम चलना-फिरना, बढ़ता वजन और ज्यादा शराब भी रक्तचाप पर असर डाल सकते हैं।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन को कंट्रोल रखना और संतुलित भोजन को ब्लड प्रेशर कंट्रोल का अहम हिस्सा है। इसलिए सिर्फ बीपी गोली पर निर्भर रहने के बजाय रोज की आदतों में भी बदलाव जरूरी है।
दवाओं को लेकर गड़बड़ी तो नहीं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बीपी को कंट्रोल रखने के लिए दवा को लेकर भी कुछ सावधानियां जरूरी हैं।
- रोज अलग-अलग समय पर दवा लेना, रीडिंग सामान्य आते ही दवा छोड़ देना या कभी-कभी खुराक भूल जाना भी ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है।
- इसके अलावा अध्ययनों में पाया गया है कि कुछ दर्द की दवाएं जैसे आइबुप्रोफेन और नेप्रोक्सेन के अलावा कुछ हार्मोनल दवाएं भी ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती हैं।
- इसलिए डॉक्टर को अपनी सभी दवाओं और सप्लीमेंट्स की जानकारी देना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के बिना ब्लड प्रेशर की दवा बंद या उसकी मात्रा में बदलाव नहीं करना चाहिए।
डॉक्टर कहते हैं, अगर सही तरीके से दवा लेने, जीवनशैली सुधारने और नियमित निगरानी के बाद भी ब्लड प्रेशर लगातार ज्यादा रहता है तो डॉक्टर से इस बारे में बात करें। कुछ लोगों में नींद में सांस रुकने की समस्या यानी स्लीप एपनिया, किडनी की बीमारी, कुछ हार्मोन संबंधी समस्याओं के कारण भी हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकती है। ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए इन स्थितियों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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