शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए सभी लोगों को खान-पान में सुधार की सलाह दी जाती है। हम क्या खाते-पीते हैं इसका सेहत पर सीधा असर होता है, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ऐसी डाइट लेने की सलाह देते हैं जिससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति हो सके।
सेहत की बात: आप क्या खाते हैं और कब खाते हैं, दोनों का सेहत पर पड़ता है असर; शुगर-बीपी के मरीज दें ध्यान
खाने का समय लगातार बदलना, भोजन छोड़ देना और रात में देर से खाना ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर नियंत्रण को प्रभावित कर सकता है। खासकर डायबिटीज में भोजन और दवा के बीच तालमेल जरूरी होता है। डायबिटीज और बीपी के मरीजों को खान-पान को लेकर सावधानी बहुत जरूरी है।
खान-पान में अनियमितता का सेहत पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सुबह नाश्ता ना करना, दिन में कई घंटे तक भूखे रहना, दिन में कभी बहुत कम तो कभी बहुत ज्यादा खाना और रात में देर से भारी भोजन करना, ये आदतें आज की व्यस्त दिनचर्या में ज्यादातर लोगों के लिए आम हो गई हैं। इसका असर सिर्फ पाचन पर नहीं पड़ता।
- असल में शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक सीधे तौर पर भोजन, नींद और दिन-रात की गतिविधियों से जुड़ी होती है। जब खाने का समय लगातार बदलता रहता है तो शरीर के शुगर और ऊर्जा को नियंत्रित करने वाले सिस्टम पर भी असर पड़ सकता है।
- जिन लोगों को पहले से डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है उनके लिए खान-पान के समय में लगातार रहने वाली अनियमितता सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है।
ब्लड शुगर पर क्या असर होता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जब आपके खाने का समय लगातार बदलता रहता है तो इस आदत का असर आपके ब्लड शुगर लेवल पर भी दिखाई देने लग जाता है।
- कभी सुबह का नाश्ता न करना तो कभी लंच या डिनर देर से करना आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है।
- डायबिटीज वाले व्यक्ति में यह पैटर्न ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना मुश्किल कर सकता है।
- जिन लोगों की दवा या इंसुलिन भोजन के समय के हिसाब से तय हो, उनमें भोजन की अनियमितता से और भी खतरा हो सकता है।
- अध्ययनों में पाया गया है कि भोजन के पैटर्न में अक्सर रहने वाली गड़बड़ इंसुलिन रेजिस्टेंस और दूसरे मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है।
ब्लड प्रेशर बढ़ने का जोखिम
दिन के अलग-अलग समय पर मेटाबॉलिज्म का प्रभाव भी अलग-अलग होता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञों के अनुसार भोजन का समय भी इस बायोलॉजिकल क्लॉक से जुड़ा है।
- यही कारण है कि देर से खाना मेटाबॉलिक समस्याओं, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसे खतरों को बढ़ाने वाला हो सकता है।
- रोज रात में देर से या भारी भोजन करना आपकी नींद और शारीरिक गतिविधियों पर भी असर डाल सकता है, जो सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर को बढ़ाने वाली हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भोजन की पौष्टिकता पर ध्यान रखने के साथ-साथ भोजन करने के समय पर भी ध्यान देते रहना जरूरी है। बहुत ज्यादा मीठा, नमकीन, तला हुआ या अत्यधिक कैलोरी वाली चीजें खाने से बचें। इसके अलावा रोज एक ही समय पर भोजन की आदत बनाएं, शाम को 7-8 बजे के पहले डिनर कर लें। ये ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों को कंट्रोल रखने में मददगार हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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