दुनिया के कई देशों में बढ़ते कोरोना के मामले चिंता बढ़ाने वाले हैं। चीन में ओमिक्रॉन BA.2 के कारण संक्रमण के दैनिक मामलों में तेज उछाल देखने को मिला है, कई शहरों में लॉकडाउन लगाने की स्थिति बन गई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक वैक्सीनेशन करा चुके लोगों को कोविड-19 के गंभीर मामलों से सुरक्षित माना जा सकता है, हालांकि सभी लोगों को बचाव के लगातार उपाय करते रहने चाहिए। वैक्सीन से शरीर में बनी प्रतिरक्षा प्रणाली कुछ समय के बाद कम होती देखी गई है, ऐसे में संक्रमण को लेकर सभी लोगों को लगातार अलर्ट रहने की आवश्यकता है। कुछ अध्ययनों में वैक्सीन के बूस्टर शॉट देने के लाभ का जिक्र मिलता है।
Covid-19: वैज्ञानिकों का दावा- इन दो वैक्सीन के संयोजन से 6 गुना तक बढ़ाई जा सकती है एंटीबॉडीज
मिक्स एंड मैच वैक्सीन हो सकती है प्रभावी
क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर द्वारा ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) को सौंपे गए प्रारंभिक वैज्ञानिक साक्ष्य के अनुसार, कोवाक्सिन की दो खुराक के बाद कोविशील्ड वैक्सीन की बूस्टर डोज देकर प्रतिरक्षा प्रणाली 6 गुना तक बढ़ाई जा सकती है। अध्ययन से पता चला है कि जिन लोगों को पहले से कोवाक्सिन का टीका लग चुका है उन्हें अगर कोविशील्ड का बूस्टर डोज दिया जाए तो एंटीबॉडीज के स्तर को बढ़ाया जा सकता है, हालांकि जिन लोगों को कोविशील्ड का टीका लगा है, उनमें कोवाक्सिन का बूस्टर शॉट कितना असरदार है, इसके लिए पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं हैं।
कोवाक्सिन और कोविशील्ड का संयोजन असरदार
मीडिया रिपोर्ट्स से प्राप्त जानकारियों के अनुसार टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) इस अध्ययन के अंतिम आंकड़ों के आधार पर बूस्टर डोज के लिए एक अलग वैक्सीन देने पर निर्णय ले सकती है। कोवाक्सिन और कोविशील्ड के मिक्स वैक्सीनेशन के अलावा कोर्बेवैक्स और कोवावैक्स टीकों के मिश्रण के प्रभाव को जानने के लिए भी अध्ययन किया जा रहा है। इससे पहले लंदन में हुए कुछ अध्ययनों में टीकों के मिश्रण के अधिक प्रभावी होने का दावा किया था।
टीकों के मिश्रण के प्रभावों को जानने के लिए अध्ययन
डीसीजीआई ने सितंबर 2021 में क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज को टीकों के मिश्रण पर परीक्षण करने की मंजूरी दी गई थी। इन परिणामों को मिक्स एंड मैच वैक्सीन के प्रभाव का पहला सबूत भी माना जा रहा है। भारत में फिलहाल 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को ही बूस्टर डोज देने की अनुमति है। कोरोना को लेकर हाल ही में हुए कुछ अध्ययनों में दावा किया जा रहा है कि ओमिक्रॉन जैसे सामने आ रहे नए वैरिएंट्स से बचाव के लिए लोगों को बूस्टर डोज देने की आवश्यकता हो सकती है।
बढ़ रहा है कोरोना का खतरा
कोरोना के लेकर हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चीन सहित कई देशों में ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.2 को लेकर चिंता जताई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस तरह से यह वैरिएंट तेजी से फैल रहा है, ऐसे में इसके प्रसार पर काबू पाने के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी हथियार साबित हो सकता है। सभी लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन की दोनों खुराक ले लेनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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