कोरोना संक्रमण ने ज्यादातर चीजों को ऑनलाइन कर दिया है। संक्रमण के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादातर ऑफिसों ने भी लोगों को घर से काम करने की सहूलियत दे दी। आमतौर पर ऑफिसों में किसी कर्मचारी से सात से आठ घंटे का काम लिया जाता है, लेकिन क्या महामारी के दौर में आपको घर पर इससे भी ज्यादा देर तक काम करना पड़ रहा है? अगर हां, तो यह आदत आपके स्वास्थ्य के लिए कई मामलों में खतरनाक साबित हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लॉकडाउन के कारण लोगों का वर्किंग ऑवर यानी काम करने का समय पहले से अधिक हो गया है जिसके कारण लोगों को तमाम तरह की समस्याएं हो रही हैं।
अलर्ट: लंबे समय तक काम करते रहने से हो सकती हैं कई स्वास्थ्य समस्याएं? ऐसे रखें खुद को फिट और ऊर्जावान
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लंबे समय तक काम करने से मौत का खतरा
इसी साल मई माह में अपनी तरह के पहले वैश्विक विश्लेषण में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने रोजाना लंबे समय तक काम करने वाले लोगों को आगाह किया था। स्वास्थ्य संगठन ने बताया था कि जो लोग दिन में ज्यादा देर तक काम करते रहते हैं, उनमें स्ट्रोक और हृदय रोगों से होने वाली मौतों की खतरा 29 प्रतिशत तक अधिक होता है, इसलिए लोगों को बहुत देर तक काम करने से बचना चाहिए। अध्ययनकर्ताओं ने हृदय रोग के 37 अध्ययनों में 7.68 लाख और स्ट्रोक के 22 अध्ययनों में 8.39 लाख से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करके यह अध्ययन किया था।
हर आधे घंटे में लें छोटा सा ब्रेक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को काम के दौरान हर 30 मिनट में छोटा से ब्रेक जरूर लेना चाहिए। लगातार बैठे रहने से शरीर गतिहीन हो जाता है, इससे तमाम तरह की गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, रक्तचाप जैसी क्रोनिक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए अपने डेस्क से हर आधे घंटे में उठकर आसपास घूम लें।
स्टैंडिंग डेस्क का प्रयोग करें
अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग बिना किसी शारीरिक गतिविधि के दिन में आठ घंटे से अधिक समय तक बैठे रहते हैं, उन्हें मोटापे या धूम्रपान से होने वाले खतरों के समान जोखिम होता है। इन समस्याओं से बचने के लिए आप स्टैंडिंग डेस्क को प्रयोग में ला सकते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं बैठने की तुलना में खड़े रहने या चलते समय अधिक कैलोरी बर्न किया जा सकता है। लंबे समय तक काम करने वालों के लिए यह अच्छा विकल्प हो सकता है।
वर्क के साथ वर्कआउट
विशेषज्ञ कहते हैं, डेस्क पर लगातार बैठे रहने से मांसपेशियां शिथिल होने लगती हैं, इसके चलते लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए रोजाना व्यायाम करना सुनिश्चित करें। कई तरह के व्यायाम और योग आसान घर पर ही किए जा सकते हैं, इसके लिए आपको जिम जाने की भी जरूरत नहीं है। इसके अलावा आप चाहें तो वर्कआउट का ऑनलाइन ट्रेनिंग भी ले सकते हैं।
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नोट: यह लेख अध्ययन की रिपोर्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।