मधुमेह, दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। आंकड़ों के अनुसार विश्वभर में 400 मिलियन (40 करोड़) से अधिक लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक टाइप-2 डायबिटीज, इस रोग का एक सामान्य रूप है। टाइप-2 डायबिटीज के कारण शरीर में इंसुलिन का उत्पादन कम हो जाता है। डायबिटीज के स्तर में लगातार अनियमितता कई प्रकार के गंभीर रोगों का कारण बन सकती है। कोरोना महामारी के इस दौर में डायबिटीज रोगियों के लिए संक्रमण का खतरा अधिक बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे रोगियों को दवाइयों के साथ आहार में बदलाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
अध्ययन: क्या ब्रेड न खाने से कम हो सकता है टाइप-2 डायबिटीज का खतरा? जानिए विशेषज्ञों की राय
डायबिटीज की बीमारी में कार्ब्स का सेवन
आहार और पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक डायबिटीज के रोगियों को उन सभी आहार से बचना चाहिए जिनमें कार्ब्स की मात्रा अधिक होती है। बहुत अधिक कार्ब्स का सेवन करने से ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने का खतरा रहता है। कार्ब्स का सेवन कम करने से शरीर को इंसुलिन का कम उत्पादन करना होता है। ऐसे में डायबिटीज रोगियों को सभी तरह के खाद्य पदार्थों में कार्ब्स की मात्रा का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।
व्हाइट ब्रेड खाना चाहिए या नहीं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ब्रेड, विशेषकर व्हाइट ब्रेड का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होता है, जिसका अर्थ है कि यह ग्लूकोज को जल्दी रिलीज करता है और ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ा सकता है। इन्हीं कारणों को देखते हुए पोषण विशेषज्ञ डायबिटीज के शिकार लोगों को व्हाइट ब्रेड का सेवन बहुत कम करने की सलाह देते है। मधुमेह की स्थिति में रोजाना व्हाइट ब्रेड का सेवन करते रहने से रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ता सकता है, जिससे शरीर के हाइपरग्लाइसेमिक स्थिति में जाने का खतरा रहता है। यह स्थिति हृदय रोग, तंत्रिकाओं को क्षति पहुंचाने और किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं को जन्म दे सकती है। यही कारण है कि डायबिटीज रोगियों को ब्रेड का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है।
डायबिटीज में क्या नहीं खाना चाहिए?
आहार विशेषज्ञों की मानें को डायबिटीज के रोगियों को खान-पान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या हो उन्हें प्रोसेस्ड और पैक्ड खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि उनमें उच्च मात्रा में शुगर और प्रीजर्वेटिव हो सकते हैं। इसके अलावा व्हाइट पास्ता, आलू जैसी स्टार्च वाली सब्जियां, सफेद ब्रेड, शराब और अन्य मादक पेय, पेस्ट्री, केक, कुकीज, कैंडीज जैसे अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
डायबिटीज रोगियों के लिए क्या खाना बेहतर है?
आहार विशेषज्ञ कहते हैं, मधुमेह रोगियों को आहार में लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य और फाइबर की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। इसके लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, स्वस्थ वसा वाले आहार, लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल, लीन प्रोटीन जैसे मछली, चिकन और प्रोटीन के अन्य स्रोत जैसे अंडे और टोफू आदि का सेवन कर सकते हैं। साबुत अनाज वाले ब्रेड, बीन्स और दाल का सेवन भी किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख अध्ययन की रिपोर्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।
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