पिछले महीने से कोरोना संक्रमण का जोखिम वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहा है। चीन और जापान में ओमिक्रॉन के BF.7 वैरिएंट के कारण हालात बिगड़ गए हैं, तो वहीं अमेरिका में ओमिक्रॉन के एक नए सब-वैरिएंट का कहर देखा जा रहा है। भारत में भी कोरोना वायरस से बचाव के लिए विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। इस बीच दिल्ली एनसीआर में एक नए वायरस के मामले सामने आए हैं। पिछले दिनों H3N2 वायरस के कई मरीज भारत में मिले, जिससे स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ी है। H3N2 वायरस फिलहाल नियंत्रण में है। लेकिन बहुत से लोगों को इस वायरस के बारे में जानकारी नहीं है।
H3N2 Virus: भारत में H3N2 वायरस की दस्तक, कितना खतरनाक है यह संक्रमण? जानें लक्षण और उपचार
इंफ्लूएंजा का प्रकार है H3N2
सर्दी का मौसम आते ही ठंड के कारण फ्लू के मामले बढ़ने लगते हैं और फ्लू का मौसम शुरू हो जाता है। फ्लू एक श्वसन बीमारी होती है, जो इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होती है। इन्फ्लूएंजा वायरस चार प्रकार के होते हैं- ए, बी, सी और डी। इन्फ्लूएंजा ए, बी और सी मनुष्यों में फैलता है। हालांकि केवल इन्फ्लूएंजा ए और बी प्रतिवर्ष मौसमी महामारी के तौर पर फैलता है।
अब इन्फ्लूएंजा ए वायरस दो प्रोटीनों के आधार पर दो अलग उपप्रकारों में विभाजित होता है। यह दो प्रोटीन हैं- हेमाग्लगुटिनिन (HA) और न्यूरोमिनिडेस (NA)। HA के 18 अलग अलग उपप्रकार हैं, जिन्हें H1 से H18 तक क्रमांकित किया गया है। वहीं NA के 11 अलग उपप्रकार हैं, जिन्हें N1 से N11 तक क्रमांकित किया गया है।
इन्फ्लूएंजा का एक उपप्रकार H1N1 स्वाइन फ्लू के रूप में भी जाना जाता है। अगली स्लाइड्स में जानते हैं H3N2 के बारे में।
H3N2 वायरस क्या है?
सबसे पहली बार H3N2 वायरस इंसानों में 1968 में पाया गया। H3N2 के कारण होने वाले फ्लू के लक्षण अन्य मौसमी इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होने वाले लक्षणों के समान हैं। डॉ अर्जुन डांग बताते हैं कि एच3एन2 वायरस के एक प्रकार का इन्फ्लूएंजा ए है। यह फ्लू एक संक्रामक श्वसन वायरस है जो नाक, गले, ऊपरी श्वसन पथ और कुछ मामलों में फेफड़ों को भी प्रभावित करता है। ये वायरस आमतौर पर हर सर्दी या फ्लू के मौसम में इन्फ्लूएंजा की मौसमी महामारी का कारण बनते हैं।
H3N2 के लक्षण
इस फ्लू मे खांसी , नाक बहना, गला सूखना, सिर दर्द, शरीर में दर्द, बुखार, सर्दी लगना, डायरिया होना, उल्टी आदि की शिकायत हो सकती है।
इस फ्लू की कुछ लक्षण अन्य बीमारियों के समान ही है, जैसे सर्दी जुकाम होना। इसलिए केवल लक्षण देखकर पता लगा पाना मुश्किल होता है कि रोगी H3N2 वायरस के कारण फ्लू से पीड़ित है।
हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ लैप टेस्ट के जरिए इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि रोगी को फ्लू हुआ है या कोई अन्य बीमारी है। हालांकि अगर आप परंपरागत फ्लू सीजन में इस तरह के लक्षणों को महसूस कर रहे हैं तो विशेषज्ञ बिना लैब में जांच किए भी इसका इलाज फ्लू के तौर पर ही करेंगे।
इन गंभीर लक्षणों पर तुरंत लें चिकित्सीय सहायता
मौसमी सीजन में होने वाले फ्लू सामान्यतः घर पर ही आराम करने और कुछ एहतियात बरतने से ठीक हो सकता है। हालांकि अगर रोगी को सांस लेने में दिक्कत हो, छाती में दर्द या पेट में दबाव महसूस करें, अचानक चक्कर आए, लगातार उल्टियां हों या फिर बार-बार खांसी और बुखार आता हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
फ्लू की गंभीरता
कुछ लोगों में फ्लू के कारण गंभीर जटिलताओं के विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। इन जटिलताओं में निमोनिया या अस्थमा की शिकायत बढ़ जाती है, जिससे मौजूद चिकित्सा स्थिति बिगड़ सकती है।