फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सावधान: साइनस की समस्या को कहीं आप भी तो नहीं समझ रहे हैं कोविड? ऐसे कीजिए लक्षणों में अंतर

Mon, 02 Aug 2021 11:36 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Mon, 02 Aug 2021 11:36 AM IST
विज्ञापन
how to differentiate between covid and sinusitis, here all you want to know
साइनस और कोविड-19 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi


डॉ. राजन गांधी

जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच

बदलते मौसम के साथ कई सारी बीमारियों का भी दौर शुरू हो जाता है। विशेषकर मानसून का मौसम अपने साथ तमाम तरह के रोग लेकर आता है। चूंकि इस समय मानसून के साथ-साथ दुनियाभर में कोविड का दौर भी जारी है, जोकि स्वास्थ्य विभाग के लिए लगातार गंभीर समस्याओं का कारण बना हुआ है। कोरोना वायरस महामारी के बीच, मानसून जनित बीमारियों के मामले भी देश के कई हिस्सों में तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की कई सारी बीमारियों के लक्षण कोरोना के संक्रमण से मिलते-जुलते हो सकते हैं, ऐसे में लोग इन दोनों में अंतर को लेकर भ्रमित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बहती नाक, सिरदर्द या बंद नाक की समस्याओं से परेशान लोगों को कोविड संक्रमण का डर सता रहा है। पर हर बार इसे कोविड मानकर चलना ही ठीक नहीं है, यह साइनस जैसी समस्याओं का भी लक्षण हो सकता है। ऐसे में लोगों के लिए जरूरी हो जाता है कि आप साइनस और कोविड-19 संक्रमण के लक्षणों को समझते हुए उनमें अंतर करें। आइए इस लेख में आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि आखिर आप कैसे पता कर सकते हैं कि
बंद नाक और जुकाम के लक्षण कोविड-19 संक्रमण के हैं या फिर साइनस के?

how to differentiate between covid and sinusitis, here all you want to know
साइनस का संक्रमण - फोटो : Pixabay

साइनस की समस्या
डॉक्टरों के मुताबिक सभी लोगों के लिए, विशेषकर जो पहले से साइनस से ग्रसित रह चुके हैं उनके लिए कोविड-19 और साइनस के लक्षणों में अंतर करना बेहद आवश्यक है। साइनस, खोपड़ी में स्थित हवा युक्त छोटे-छोटे गुब्बारे जैसे होते हैं। कई बार संक्रमण के कारण साइनस के ऊतकों में सूजन पैदा हो सकता है, जिसके कारण लोगों को तमाम तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। साइनस के लक्षण काफी हद तक कोविड-19 के लक्षणों से मिलते-जुलते हो सकते हैं। इस रोग के शिकार लोगों को नाक बहने या बंद नाक, गले में खराश और बुखार जैसे लक्षण हो सकते हैं।

how to differentiate between covid and sinusitis, here all you want to know
कोरोना का संक्रमण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

कोविड-19 का संक्रमण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है। यह सार्स-सीओवी-2 नामक वायरस के कारण होता है। कोरोनावायरस संक्रमण सबसे पहले श्वसन पथ को प्रभावित करता है, जिसके कारण यह रोगियों में फेफड़ों की जटिलताएं पैदा कर सकता है। कोविड-19 में रोगियों को खांसी, गले में खराश, गंध और स्वाद की कमी, सांस की तकलीफ और फेफड़ों से संबंधित अन्य कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
how to differentiate between covid and sinusitis, here all you want to know
साइनस और कोरोना के कुछ लक्षण हो सकते हैं समान (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

साइनस और कोविड-19 में कैसे अंतर करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक साइनस और कोविड-19 के ज्यादातर लक्षण मिलते-जुलते हो सकते हैं। हालांकि साइनस और कोविड-19 के कुछ विशिष्ट लक्षण भी होते हैं जो सामान्यतौर पर उसी ही रोग में देखे जाते हैं। साइनस में लोगों को दांत दर्द, साइनस में दर्द (गाल की हड्डी और आंखों का भीतरी भाग), सांसों की बदबू के साथ अलग रंग के बलगम आने की समस्या हो सकती है, जबकि कोविड में ऐसे लक्षण नहीं होते हैं। वहीं साइनस की स्थिति में लोगों को साइनस में दर्द के साथ बंद नाक या बहती हुई नाक की दिक्कत हो सकती है। कोविड में लोगों को स्वाद न आने की समस्या हो सकती है जो साइनस में नहीं होती है।

विज्ञापन
how to differentiate between covid and sinusitis, here all you want to know
साइनस और कोरोना के लक्षणों में करें अंतर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : freepik

इन बातों को भी जानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक साइनस इंफेक्शन के लक्षण अचानक से विकसित होते हैं जबकि कोरोनावायरस के मामले में लक्षण समय के साथ विकसित होते हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के 2 से 14 दिनों के बाद लक्षणों का पता चलता है। साइनस की दिक्कत ज्यादातर खांसी या फ्लू होने के बाद होती हैं। साल के ठंडे मौसम में इसकी दिक्कत बढ़ जाती है, जबकि कोविड -19 का संक्रमण कभी भी हो सकता है। किसी भी प्रकार के लक्षण के बारे में डॉक्टर से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।



-------------------
नोट: यह लेख डॉ. राजन गांधी के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं।  फिलहाल वह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed