हंतावायरस इन दिनों खूब चर्चा में है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इस खतरनाक संक्रमण से बचाव के लिए अलर्ट कर रहे हैं। मामले की शुरुआत अटलांटिक महासागर में क्रूज शिप एमवी होंडियस में इस बीमारी के फैलने से हुई। इससे तीन लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य बीमार हैं।
Hantavirus Alert: घर-दुकानों में चूहे हैं तो क्या इनसे भी हो सकता है हंतावायरस संक्रमण? जान लीजिए
Hantavirus Outbreak News: हंतावायरस को लेकर दुनियाभर में चिंता बढ़ी है, क्योंकि यह संक्रमित चूहों के मल, पेशाब और लार के संपर्क में आने से इंसानों तक पहुंच सकता है। हंतावायरस का संक्रमण शुरुआत में सामान्य फ्लू जैसा महसूस हो सकता है। क्या घर-गोदाम में मौजूद चूहे भी संक्रमण का कारण बन सकते हैं?
पालतू चूहों से भी फैल सकता है संक्रमण
यूके की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) ने एक रिपोर्ट में बताया कि पहले भी घर में पालतू चूहों से हंतावायरस के मामले सामने आए हैं।
- इंसानों में हंतावायरस का इन्फेक्शन आमतौर पर उन जगहों पर होता है जहां घरों, दुकानों या फैक्ट्रियों में चूहे-गिलहरिया रहती हैं।
- गांव और खेती-बाड़ी वाले इलाकों में भी इस संक्रमण का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।
साल 2012 से अब तक, यूके में सियोल स्ट्रेन के हंतावायरस संक्रमण के इंसानों में सिर्फ 11 मामले सामने आए हैं। इनमें से नौ मामले पालतू चूहों से जुड़े थे।
घर में चूहे हैं तो भी हो जाइए सावधान
घर में मौजूद चूहे सिर्फ सामान को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि कई खतरनाक बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं। हंतावायरस उनमें से एक है, यह वायरस से संक्रमित चूहों के मल, पेशाब और लार के संपर्क में आने से इंसानों तक पहुंचता है।
- विशेषज्ञों के अनुसार गंदगी, बंद कमरे, स्टोर रूम, पुराने फर्नीचर और लंबे समय तक साफ न किए गए कोनों में इसका खतरा रहता है।
- आपको किस तरह के हंतावायरस का संक्रमण होने का खतरा है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप जिस इलाके में रहते हैं वहां चूहों की कौन सी प्रजाति पाई जाती है।
- यूके में सियोल वायरस ज्यादा देखा जाता रहा है। यह फेफड़ों के बजाय किडनी पर ज्यादा अटैक करता है।
- हालांकि, अमेरिका में पाए जाने वाले वायरस के 'न्यू वर्ल्ड' स्ट्रेन की तुलना में इस कम खतरनाक पाया गया है।
- एमवी होंडियस शिप पर बीमार यात्रियों में 'एंडीज स्ट्रेन' पाया गया है, जो खासकर लंबी पूंछ वाले चावल खाने वाले चूहों में आम है।
- सिर्फ एंडीज वायरस ही एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
साउथैम्प्टन यूनिवर्सिटी के पब्लिक हेल्थ रिसर्च और एपिडेमियोलॉजी के विशेषज्ञ डॉ. माइकल हेड कहते हैं, सिर्फ जंगली चूहे ही हंतावायरस के वाहक नहीं होते। अगर किसी पालतू चूहे या गिलहरी में यह वायरस है, तो उनके पिंजरे की सफाई करते समय आप बीमार पड़ सकते हैं। घरों-गोदाम और दुकानों में मौजूद चूहों के कारण भी आप इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं।
- जब हम चूहे वाली जगहों की साफ-सफाई करते हैं, तो वायरस के कण हवा में फैल जाते हैं और सांस के जरिए शररी में प्रवेश कर सकते हैं। इससे हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम होने का खतरा रहता है।
- विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आपके घर-दुकान में चूहे हैं और वहां की साफ-सफाई करते समय पहले पानी का छिड़काव करें और फिर उस जगह को अच्छी तरह से साफ करें। इससे वायरस के हवा में फैलने का खतरा कम हो जाता है।
- चूहे वाले जगहों को साफ करते समय मास्क और गॉगल्स जैसे सुरक्षात्मक उपकरण जरूर पहनने चाहिए क्योंकि वायरस नाक, आंख और मुंह के जरिए भी शरीर में प्रवेश कर सकता है।
साफ-सफाई का रखें खास ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हंतावायरस का संक्रमण शुरुआत में सामान्य फ्लू जैसा महसूस होता है, लेकिन गंभीर मामलों में यह फेफड़ों और सांस संबंधी समस्याओं को तेजी से बढ़ा सकता है। यही वजह है कि घर की साफ-सफाई, चूहों पर नियंत्रण और हाइजीन का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना जाता है।
- एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि जिन जगहों पर लंबे समय तक सफाई नहीं होती, वहां चूहों के मल-मूत्र जमा हो सकते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
- घर में चूहों के निशान दिखें तो तुरंत सफाई करें, दस्ताने और मास्क का इस्तेमाल करें और संक्रमित जगहों को बिना सुरक्षात्मक उपायों के न छुएं। थोड़ी सी सावधानी इस जानलेवा वायरस के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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