दुनियाभर में वर्षों से सेहत संबंधी लाभ के लिए कई तरह की औषधियों को प्रयोग में लाया जाता रहा है। गिलोय ऐसी ही एक औषधि है, जिसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ बहुत ही लाभकारी मानते हैं। कोरोना के इस दौर में लोगों ने शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए गिलोय का इस्तेमाल किया। आयुर्वेदिक चिकित्सा में गिलोय के पौधे के सभी भागों का उपयोग किया जाता है। हालांकि इसके तने को सबसे फायदेमंद माना जाता है। इससे बने काढ़े के सेवन को विशेषज्ञ शरीर की प्रतिरक्षा को मजबूत बनाने के साथ कई तरह की बीमारियों को ठीक करने में विशेष लाभदायक मानते हैं।
आज का हेल्थ टिप्स: सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है यह औषधि, कमजोर इम्युनिटी वालों के लिए है रामबाण
प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट क्षमता
गिलोय पर किए गए प्रयोगशाला अध्ययनों से पता चलता है कि इसमें एंटीऑक्सीडेंट की अच्छी मात्रा होती है, ऐसे में यह कोशिकाओं के ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाने में मदद कर सकता है।
लैब में स्तन, प्रोस्टेट और ओबरियन कैंसर की कोशिकाओं पर किए गए परीक्षण में पाया गया कि गिलोय का सेवन कैंसर के जोखिम को कम करने में भी सहायक हो सकता है।
प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में सहायक
गिलोय का सेवन एलर्जी के खिलाफ भी आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। हे फीवर एलर्जी वाले 75 लोगों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि गिलोय इसके लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकता है। इम्युनिटी मजबूत होने से कई तरह की अन्य बीमारियों और संक्रमण का खतरा भी कम हो जाता है।
शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद
आयुर्वेद में, गिलोय को 'मधुनाशिनी' के रूप में जाना जाता है, जिसका अर्थ है कि यह ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में सहायक हो सकती है। इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करने के साथ ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में गिलोय के सेवन को फायदेमंद माना जाता है। गिलोय मधुमेह की जटिलताओं जैसे अल्सर, कि़डनी और आंखों की समस्याओं के लिए भी उपयोगी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
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