अगर आप भी केक, कुकीज और टॉफी के शौकीन हैं तो अगली बार इसे खाने से पहले इसमें इस्तेमाल की जाने वाली चीजों के बारे में जान लीजिएगा। इस तरह के खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाली कई चीजों के दुष्प्रभावों को लेकर अक्सर खबरें सामने आती रही हैं।
Health Alert: टॉफी-कुकीज से हो सकता है कैंसर, रिपोर्ट में सामने आई हैरान कर देने वाली जानकारी
यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने रेड डाई नं. 3 नाम के एक सिंथेटिक रंग के इस्तेमाल को बैन कर दिया है। अमेरिका में लंबे समय से कुछ खाद्य पदार्थों को कलर देने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है, इसे कैंसर के जोखिमों को बढ़ाने वाला पाया गया है।
रेड डाई नंबर 3 के इस्तेमाल को लेकर चिंता
रेड डाई नंबर 3 के इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर इससे पहले के अध्ययनों में भी चिंता जताई जाती रही है। साल 2012 की एक रिपोर्ट में कहा गया था ये जानवरों में कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाला हो सकता है।
साल 2021 में कैलिफोर्निया ऑफिस ऑफ एनवायर्नमेंटल हेल्थ हैजर्ड असेसमेंट के अध्ययन में पाया गया कि कुछ प्रकार की कैंडी और कुकीज में इन रंगों का इस्तेमाल किया जाता रहा है। ये बच्चों में व्यवहार संबंधी समस्याओं जैसे कि ध्यान में कमी, चिड़चिड़ापन और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधित विकारों को भी बढ़ाने वाला हो सकता है।
अध्ययनों में यह भी निष्कर्ष निकाला गया कि ये बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचाने वाला हो सकता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में पोषण के सहायक प्रोफेसर डॉ. जेरोल्ड मैंडे ने कहा, एफडीए द्वारा की गई ये कार्रवाई लंबे समय से लंबित थी, जिसपर अब फैसला किया गया है। हम खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
इसके अलावा एनवायरनमेंट वर्किंग ग्रुप के सह-संस्थापक और अध्यक्ष केन कुक ने एक समाचार विज्ञप्ति में कहा, यह निर्णय उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए एक जीत है।
रोडामाइन बी युक्त खाद्य पदार्थों से होने वाले नुकसान
खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाली चीजों के दुष्प्रभावों को देखते हुए पहले भी इस तरह की कई कार्रवाई की गई हैं।
पिछले साल कर्नाटक सरकार ने (11 मार्च 2024) को कॉटन कैंडी और गोबी मंचूरियन में रोडामाइन-बी फूड कलरिंग एजेंट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे संबंधित आधिकारिक आदेश जारी करते हुए कहा गया था कि इन फूड कलर्स से सेहत को कई प्रकार से नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है। रोडामाइन बी युक्त भोजन के सेवन से फूड पॉइजनिंग और कई प्रकार की गंभीर बीमारी हो सकती हैं। इसे कई अध्ययनों में संभावित कैंसरजनक भी पाया गया है।
केक में कैंसर कारक तत्वों का चला था पता
इसके बाद अक्तूबर 2024 में कर्नाटक खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता विभाग ने बेंगलुरु में 12 अलग-अलग किस्म के केक में कैंसर कारक तत्वों का पता लगाया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, रेड वेलवेट और ब्लैक फॉरेस्ट जैसे केक को अक्सर दिखने में आकर्षक बनाने के लिए कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया जाता रहा है। ये कृत्रिम रंग स्वास्थ्य के लिए खतरनाक जोखिम पैदा कर सकते हैं।
केक सैंपल की टेस्टिंग के दौरान इनमें एल्यूरा रेड, सनसेट येलो एफसीएफ, पोंसो 4आर, टार्ट्राजीन और कारमोइसिन जैसे कृत्रिम रंगों और तत्वों की मौजूदगी का पता चला है। इसमें से अधिकतर को इंसानी सेहत के लिए खतरनाक माना जाता है।
समय-समय पर खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों और अन्य हानिकारक तत्वों के इस्तेमाल को लेकर कार्रवाई की जाती रही है।
--------------
स्रोत और संदर्भ
FDA to Revoke Authorization for the Use of Red No. 3 in Food and Ingested Drugs
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।