मानसून का सीजन सेहत के लिए कई तरह की चुनौतियां लेकर आता है। बारिश और इसके बाद के दिनों में जगह-जगह जगलजमाव मच्छरजिनत रोगों जैसे डेगू-मलेरिया के खतरे को बढ़ाने वाला माना जाता है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञ इन दिनों में खान-पान से संबंधित समस्याओं के खतरे को लेकर भी सावधानी बरतते रहने की सलाह देते हैं।
फूड इंफेक्शन: खाना साफ दिख रहा है फिर भी हो सकता है संक्रमण का खतरा, ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी
फूड इंफेक्शन सिर्फ बाहर के खाने से नहीं होता। किचन में हाथों की सफाई न रखना, कच्चे-पके भोजन को साथ रखना, भोजन को लंबे समय तक बाहर खुले में छोड़ना और दूषित पानी का इस्तेमाल बैक्टीरिया को शरीर तक पहुंचा सकता है।
खाद्य जनित बीमारियों का खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञ कहते हैं, असुरक्षित भोजन से बैक्टीरिया, वायरस और दूसरे हानिकारक पदार्थ शरीर में पहुंच सकते हैं। इससे खाद्य जनित बीमारियों का खतरा होता है, जिसमें दस्त और उल्टी से लेकर कई बार गंभीर दिक्कतें भी हो सकती हैं।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फूड इंफेक्शन हर बार बाहर खाने से ही नहीं होता। खाना पकाते या खाते समय हाथों की साफ-सफाई का ठीक से ध्यान न रखना, कच्चे और पकी चीजों को एक ही चाकू से काटना, भोजन को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर छोड़ देना या अधपका भोजन खाना भी आपके लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
दूषित खाना हमेशा देखने, सूंघने या चखने में खराब हो ये भी जरूरी नहीं है। सामान्य दिखने वाले भोजन में भी बीमारी फैलाने वाले रोगजनक मौजूद हो सकते हैं।
हाथ और किचन की सफाई का रखते हैं ध्यान?
भोजन बनाने से पहले और शौचालय जाने के बाद हाथ ठीक से न धोना बैक्टीरिया को भोजन तक पहुंचने का आसान रास्ता हो सकता है।
- किचन के स्लैब, चाकू, कटिंग बोर्ड और बर्तनों की सफाई भी महत्वपूर्ण है।
- कच्चे मांस, अंडे या दूसरी कच्ची चीजों के संपर्क में आने के बाद हाथ और सतहों को साफ करना जरूरी है। कई बार जाने-अनजाने यहां से भी संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है।
कच्चे और पके खाने को एक साथ रखना
कच्चे मांस, चिकन, मछली या अंडे से बैक्टीरिया दूसरे खाने तक पहुंच सकते हैं। इसे क्रॉस-कंटैमिनेशन यानी एक चीज से दूसरी चीज में संक्रमण पहुंचना कहा जाता है।
- अगर कच्चे चिकन के लिए इस्तेमाल किया गया चाकू या कटिंग बोर्ड बिना धोए सलाद काटने में इस्तेमाल हो गया तो बैक्टीरिया सीधे तैयार खाने में पहुंच सकते हैं। इसलिए कच्चे और पके भोजन के लिए अलग बर्तन और कटिंग बोर्ड रखना चाहिए। पका खाना दोबारा उसी प्लेट में न रखें जिसमें कच्चा मांस रखा था।
अधपका भोजन बढ़ा सकता है पेट की दिक्कतें
कुछ बैक्टीरिया पर्याप्त तापमान पर पकाने से नष्ट हो जाते हैं। लेकिन अगर खाना अंदर तक ठीक से नहीं पका है तो इससे भी संक्रमण का खतरा बना रह सकता है।
- चिकन, मांस, अंडे को अच्छी तरह पकाना जरूरी है। अधपके अंडे या मांस से संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा देखा जाता रहा है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को इससे सबसे ज्यादा दिक्कत हो सकती है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
पका हुआ खाना कमरे के तापमान पर लंबे समय तक छोड़ना बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका दे सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पका हुआ और जल्दी खराब होने वाला भोजन सुरक्षित तापमान पर रखा जाना चाहिए।
- दूषित पानी से भी फूड इंफेक्शन का खतरा होता है। खाना बनाने, पीने और बर्फ बनाने के लिए हमेशा साफ पानी का इस्तेमाल करना जरूरी है।
- फल और सब्जियां खेत, बाजार और परिवहन के दौरान कई सतहों के संपर्क में आती हैं। अगर इन्हें ठीक से साफ किए बिना खाया जाए तो गंदगी और कुछ सूक्ष्मजीव शरीर में जा सकते हैं। खाने से पहले इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। कटे हुए फल लंबे समय तक खुले में नहीं रखना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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