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Health Alert: आपका पसंदीदा केक कहीं बन न जाए कैंसर का कारण, परीक्षण में सामने आई जानकारियां कर देंगी हैरान

Wed, 02 Oct 2024 12:25 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Wed, 02 Oct 2024 12:25 PM IST
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Cancer causing agents found in Popular varieties of cake know its health risk
केक में पाए गए कैंसर कारक तत्व - फोटो : instagram

जन्मदिन हो या कोई अन्य उत्सव इन्हें सेलिब्रेट करने के लिए केट काटने की परंपरा है। लोग केक को बड़े चाव से खाते भी हैं। बाजार में कई तरह के फ्लेवर वाले केक मौजूद हैं, जिन्हें काफी पसंद किया जाता रहा है। पर कहीं ये केक कैंसर का खतरा तो नहीं बढ़ा रहे हैं? सही सुना आपने, एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कहा जा रहा है कि कुछ प्रकार के केक में ऐसे तत्व पाए गए हैं जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। 



मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कर्नाटक खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता विभाग ने सभी लोगों को केक खरीदते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। इतना ही ने खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्य के सभी बेकरी को केक बनाते समय संभावित कैंसरकारी तत्वों के इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी दी है।

असल में एक परीक्षण के दौरान बेंगलुरु में 12 अलग-अलग किस्म के केक में कैंसर कारक तत्वों का पता चला है।अधिकारियों ने कहा, सभी लोगों को खान-पान के सामान लेते समय उसमें मिलाई जाने वाली चीजों के बारे में जानकारी होना चाहिए, किसी ऐसे तत्व का इस्तेमाल न किया जाए जिससे सेहत को नुकसान पहुंचता है।

Cancer causing agents found in Popular varieties of cake know its health risk
केक में कैंसर कारक तत्व - फोटो : Freepik.com

केक में कैंसर कारक तत्वों का पता चला

केक में कैंसर कारक तत्वों का पता चलने के बाद से लोगों के मन में डर है। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है जब खाद्य पदार्थों में कैंसर कारक तत्वों के होने को लेकर सावधान किया गया है। इससे पहले गोभी मंचूरियन, कबाब और पानीपुरी जैसे लोकप्रिय खाद्य पदार्थों में भी इसके जोखिमों को लेकर लोगों को अलर्ट किया जाता रहा है। 

स्थानीय मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक कर्नाटक खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता विभाग ने सभी बेकरियों से खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का अनुपालन करने पर जोर दिया है। 

Cancer causing agents found in Popular varieties of cake know its health risk
केक में हानिकारक तत्व (सांकेतिक) - फोटो : Freepik.com

कृत्रिम रंगों और रसायनों से खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, रेड वेलवेट और ब्लैक फॉरेस्ट जैसे केक को अक्सर दिखने में आकर्षक बनाने के लिए कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया जाता रहा है। ये कृत्रिम रंग स्वास्थ्य के लिए खतरनाक जोखिम पैदा कर सकते हैं। केक सैंपल की टेस्टिंग के दौरान इनमें एल्यूरा रेड, सनसेट येलो एफसीएफ, पोंसो 4आर, टार्ट्राजीन और कारमोइसिन जैसे कृत्रिम रंगों और तत्वों की मौजूदगी का पता चला है। इसमें से अधिकतर को इंसानी सेहत के लिए खतरनाक माना जाता है।

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Cancer causing agents found in Popular varieties of cake know its health risk
खाद्य पदार्थों में हानिकारक तत्व (सांकेतिक) - फोटो : Freepik.com

पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ पहले भी अलर्ट करते रहे हैं। इसी साल मार्च में कर्नाटक सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए कॉटन कैंडी में इस्तेमाल होने वाले फूड कलर्स पर रोक लगा दी थी। कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने कॉटन कैंडी और गोभी मंचूरियन में रोडामाइन-बी फूड कलरिंग एजेंट के इस्तेमाल को खतरनाक पाया था, जिसके इस्तेमाल को रोकने के आदेश दिए गए थे। रोडामाइन-बी को कैंसर कारक माना जाता है।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा था कि इन हानिकारक एजेंट्स का उपयोग करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Cancer causing agents found in Popular varieties of cake know its health risk
रसायन टेस्टिंग (सांकेतिक) - फोटो : Freepik.com

फूड कलर्स के हो सकते हैं गंभीर दुष्प्रभाव

रोडामाइन-बी जैसे फूड कलर्स को लेकर हुए अध्ययनों में इसे स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से हानिकारक प्रभावों वाला पाया गया है। केक के सैंपल टेस्टिंग में भी कुछ केक में इसकी मात्रा पाई गई है। शोधकर्ता बताते हैं रोडामाइन-बी का इस्तेमाल कपड़ों को डाई करने के लिए किया जाता रहा है, इसका उपयोग फूड कलर के रूप में भी होने लगा। रोडामाइन बी युक्त भोजन के सेवन से फूड पॉइजनिंग और कई प्रकार की गंभीर बीमारी हो सकती है। इसे कई अध्ययनों में संभावित कैंसरजन भी पाया गया है।

इसी तरह केक में पाए गए पोंसो 4आर को ब्रिटेन की खाद्य मानक एजेंसी द्वारा किए गए एक अध्ययन में बच्चों में अति सक्रियता बढ़ाने और शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का कारण बनने वाला पाया गया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, सभी लोग खान-पान की चीजों को लेकर सावधानी बरतते रहें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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