कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया के बहुत सारे देशों को अपनी चपेट में लिया है। जिसकी वजह से बहुत सारी आबादी इस वायरस से संक्रमित है। लेकिन अभी तक इस बीमारी का कोई ठोस इलाज नहीं मिला है। वैज्ञानिक शोध के जरिए नित नए उपाय निकाल रहे हैं और ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि ये मानव शरीर पर कैसे असर कर रहा है। चीन से फैले इस नए वायरस को जानना समझना थोड़ा मुश्किल है और वैज्ञानिक दिन-रात पता लगा रहें हैं कि ये शरीर पर किस तरह और किन रोगों के साथ कैसे असर दिखाता है।
क्या शुगर के मरीजों में अलग दिखते हैं कोरोना के लक्षण? जानिए डायबिटिक रोगियों को किन चीजों की रखनी चाहिए सावधानी
दरअसल कोरोना वायरस के उन इंसानों के शरीर में तेजी से प्रवेश होने की आशंका रहती है जिनका इम्यूनिटी सिस्टम यानी की रोग प्रतिऱोधक क्षमता कमजोर है। ऐसे में ये सवाल बड़ा है कि डायबिटीज के मरीजों के ऊपर कोरोना का असर कैसे होता है। क्योंकि डायबिटीज में टाइप 1 और टाइप 2 दो तरह के मरीज होते हैं। ऐसे में उनके शरीर पर कोरोना के वायरस का कितना घातक असर होता है इस बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। ये कह सकते हैं कि कोरोना वायरस का असर डायबिटीज के मरीजों पर उतना ही होता है जितना कि साधारण मरीजों पर, हालांकि डायबिटीज के मरीजों की स्थिति कोरोना वायरस की वजह से सामान्य मरीजों की तुलना में ज्यादा खराब हो सकती है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को कोरोना से बचने के लिए इन चीजों के बारे में सावधानी रखनी चाहिए।
डायबिटीज के मरीज लोगों के शरीर में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य नहीं रह जाता जिसकी वजह से उनकी रोगों से लड़ने की शक्ति कम हो जाती है। टाइप 1 के शुगर के मरीजों में इंसुलिन की कमी हो जाती है। जिसकी वजह से खून में ग्लूकोज का स्तर बढ जाता है। वहीं टाइप 2 मरीजों के शरीर में इंसुलिन मौजूद होता है लेकिन ठीक तरीके से काम नहीं करता है। इसलिए कोरोना वायरस से बचने के लिए मरीजों को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है।
वहीं डायबिटीज के मरीजों को अपने ब्लड शुगर का लेवल नियमित रूप से चेक करवाते रहना चाहिए। ताकि किसी तरह के संक्रमण से बचा जा सके। हालांकि अभी तक कोई ऐसा शोध नहीं हुआ है जिसमें डायबिटीज के मरीजों पर कोरोना को कोई अलग असर दिखा हो। हालांकि कोरोना के इलाज के लिए जिन दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है उनमें सावधानी की जरूरत है।