रोशनी, आशा और समृद्धि का त्योहार दिवाली इस साल 12 नवंबर को। यह ढेर सारी खुशियों के साथ एकजुटता का जश्न मनाने का समय होता है। चारों तरफ रोशनी, उल्लास, मिठाइयों और पकवान वाले इस त्योहार का हम सभी को पूरे साल इंतजार रहता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खुशियों के इस उत्सव में हम सभी को सेहत को लेकर भी अलर्ट रहने की आवश्यकता होती है।
Diwali 2023: इन बातों का रखें विशेष ख्याल, ताकि दोगुने उत्साह के साथ दिवाली हो सेहतमंद
दीपावली के दौरान सेहत के रखें ध्यान
अमर उजाला से बातचीत में हेल्थ एक्सपर्ट डॉ विनीत झा कहते हैं, त्योहारों के मौसम में हमें किसी भी तरह से सेहत को अनदेखा नहीं करना चाहिए। इन दिनों में मिठाइयों और पकवान का अधिक सेवन आपके पाचन से लेकर, हार्ट, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की समस्याओं को बढ़ा सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम किसी भी स्तर पर सेहत से कोई समझौता न करें। आइए आवश्यक टिप्स जानते हैं जो इस त्योहार में आपको सेहतमंद रखने में मदद करेंगे।
मनाएं सुरक्षित और स्वस्थ दिवाली
त्योहारों का पूरी तरह से तभी आनंद लिया जा सकता है जब आप फिट और स्वस्थ हों। इसलिए जरूरी है कि अपने व्यायाम की दिनचर्या में इन दिनों में भी कोई बदलाव न करें। चूंकि दीपावली के समय में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है इसलिए मॉर्निंग वॉक पर न जाएं। दिवाली में डाइट और फिटनेस टिप्स अपनाकर अपनी खुशियों को दोगुना कर सकतें हैं।
खान-पान को लेकर बरतें सावधानी
दिवाली का मतलब है ढेर सारा स्वादिष्ट पकवान और मिठाइयां। हालांकि इनका अधिक मात्रा में सेवन आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाने वाला हो सकता है। विशेषतौर पर यदि आप डायबिटीज या अधिक वजन की समस्या के शिकार हैं, तो खान-पान को लेकर सर्तकता और भी जरूरी हो जाती है। ज्यादा मीठी चीजों के सेवन से बचें, शरीर को हाइड्रेटेड रखें और आहार में उन चीजों को शामिल करें जो शरीर को डिटॉक्स करती हैं। त्योहारों के समय में घर पर बनी हुई चीजों का सेवन करना लाभकारी माना जाता है।
सांस की समस्या है तो रहें अलर्ट
दीपावली के उत्सव के दौरान पटाखों के धुंआ के कारण हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने का खतरा रहता है। ये अस्थमा, श्वसन रोग जैसे सीओपीडी की समस्या वालों के लिए गंभीर जटिलताओं को बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है। चूंकि इन दिनों पहले से ही प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा हुआ है, इसलिए पटाखों को न जलाएं और शोर रहित दीपावली मनाएं। ये सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए आवश्यक है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।