Medically Reviewed by Dr. Ambika Prasad Yadav
दुनियाभर में डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और इसकी सबसे बड़ी वजह है लोगों की खराब जीवनशैली और खानपान। दरअसल, यह एक ऐसी बीमारी है, जो अगर किसी को हो जाए तो फिर वह जिंदगीभर उस व्यक्ति को परेशान करती है। डायबिटीज में सबसे बड़ी दिक्कत ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने की होती है। चूंकि आजकल लोग जिस तरह की जीवनशैली और खानपान अपना रहे हैं, उससे शुगर लेवल के बढ़ने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करने को कहा जाता है, क्योंकि इससे शुगर लेवल बढ़ सकता है। आइए जानते हैं कि ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में लहसुन किस तरह फायदेमंद हो सकता है?
सलाह: डायबिटीज के मरीजों के लिए 'रामबाण' है लहसुन, शुगर लेवल को करता है नियंत्रित
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डायबिटीज में फायदेमंद है लहसुन
- विशेषज्ञ कहते हैं कि ब्लड शुगल लेवल को नियंत्रित करने में लहसुन बहुत उपयोगी है। दरअसल, लहसुन में मौजूद अमीनो एसिड होमोसिस्टीन की मात्रा को कम करने में कारगर है, जिससे खून में मौजूद शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
इस तरह करें इस्तेमाल
- ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखने के लिए आप आप खाली पेट भी लहसुन का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा आप इसे भून कर भी खा सकते हैं। इसके लिए आप पैन में बिल्कुल थोड़ा सा सरसों का तेल डालें और गर्म होने पर उसमें लहसुन की कलियां डाल कर उन्हें अच्छी तरह से भून लें। अब आप उसमें थोड़ा सा काला नमक मिलाकर खा लें। यह बहुत ही फायदेमंद साबित होगा।
गठिया में भी फायदेमंद है लहसुन
- दरअसल, लहसुन में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गठिया के कारण होने वाले सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। आप इसे अपने नियमित आहार में शामिल कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आप पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले लें।
इम्यूनिटी भी बढ़ाता है लहसुन
- लहसुन विटामिन-सी, बी-6, सेलेनियम और मैंगनीज से भरपूर होता है और ये सभी विटामिन और खनिज इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि लहसुन में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-बायोटिक गुण होते हैं, जो शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता को मजबूत करते हैं।
नोट: डॉ. अंबिका प्रसाद यादव, वाराणसी के उजाला सिग्नस अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन, डायबिटीज और हाइपरटेंशन कंसल्टेंट हैं। इन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से मेडिसिन में एमबीबीएस और एमडी किया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।