सार्स कोरोना वायरस-2 के प्रकोप से इस समय पूरी दुनिया परेशान है। इस वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए हर देश अपने ओर से कोई न कोई कदम उठा रहे हैं। हालांकि इस खतरनाक वायरस से जुड़ी कुछ गलतफहमियां भी हमारे समाज में तेजी से फैल रही हैं, जिससे लोगों में दहशत और बढ़ती जा रही है। कोरोना वायरस से जुड़े ऐसे कई मिथ हैं, जिनका सच जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। तो आइए जानते हैं इन गलतफहमियों के बारे में विस्तार से...
कोरोना वायरस: कहीं आप भी तो नहीं Covid 19 से जुड़ी इन गलतफहमियों के शिकार
साबुन से ज्यादा अच्छा सैनिटाइजर
मिथ - अधिकांश लोगों के दिमाग में यह बात घर कर गई है कि साबुन से हाथ धोने के बजाए हैंड सैनिटाइजर अधिक प्रभावी है।
फैक्ट - जब हम साबुन से हाथ धोते हैं तो वायरस न सिर्फ मरते हैं बल्कि धुल भी जाते हैं। यदि आपके हाथों पर डस्ट लगा हो ते हैंड सैनिटाइजर के बदले साबुन का उपयोग करना बढ़िया रहता है।
विटमिन-सी खाने से कोरोना का संक्रमण नहीं होगा
मिथ - विटमिन-C लेने से का संक्रमण नहीं होता है।
फैक्ट - शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और वायरस से लड़ने के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना जरूरी है। विटमिन सी हमारे शरीर में इम्यून को मजबूत बनाता है। लेकिन अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि विटमिन सी कोविड-19 के इंफेक्शन से बचा सकता है।
कोरोना से बचा सकती है हर्बल टी
मिथ - हर्बल टी पीने से कोरोना से संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।
फैक्ट - चाय में मिथाइल जेंथीन्स नामक तत्व पाया जाता है, जो खतरनाक वायरस के प्रभाव को कम कर देता है। हालांकि कोरोना वायरस के संबंध में अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है।
कोरोना से बचने के लिए मास्क है जरूरी
मिथ - मास्क कोरोना से बचा सकता है।
फैक्ट - कोई भी सर्जिकल मास्क को ऐसा डिजाइन ही नहीं किया गया है कि जो वायरल पार्टिकल्स को ब्लॉक कर दे। लेकिन संक्रमित व्यक्ति मास्क लगाकर वायरस को फैलने से रोक सकता है। क्योंकि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के छींकने और सांस लेने के दौरान निकलने वाली महीन बूंदों में वायरस होते हैं।