कोरोना के सामान्य लक्षणों, जैसे- सर्दी-खांसी, गले में खराश, बुखार, थकान आदि के बारे में तो आप सभी जानते ही होंगे और ऐसा होने पर सतर्क भी हो जाते होंगे। इसके अलावा आप यह भी जानते होंगे कि कई लोगों में कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं दिखता है, लेकिन एक नए अध्ययन से पता चलता है कि कोरोना का एक और महत्वपूर्ण संकेत है, जो अधिक अस्पष्ट है और वो है आंखों से जुड़ी परेशानियां। बीएमजे ओपन ऑपथैल्मोलॉजी (नेत्र विज्ञान) में प्रकाशित एक नए अध्ययन में, कोविड-19 से संक्रमित 18 फीसदी लोगों में फोटोफोबिया की परेशानी देखी गई, इसका मतलब है प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता, जबकि 16 फीसदी मरीजों की आंखों में दर्द और 17 फीसदी की आंखों में खुजली थी।
Coronavirus: आंखों की ये परेशानियां भी हो सकती हैं कोरोना का लक्षण, रहें सावधान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोरोना से संक्रमित चार से 31 फीसदी लोगों में आंख संबंधी लक्षण प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें रिपोर्ट नहीं किया जाता, क्योंकि वे आमतौर पर बहुत गंभीर या घातक नहीं होते हैं। इसके अलावा, चीन में भी किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया था कि कोरोना से पीड़ित बच्चों में नेत्र संबंधी समस्याएं (आंखों में रगड़, आदि) विकसित हुईं थीं।
अध्ययन के मुताबिक, कोरोना से पीड़ित लोगों द्वारा अनुभव किया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण नेत्र संबंधी लक्षण आंखों में दर्द था। इस अध्ययन की सह लेखिका शाहीना प्रधान कहती हैं, 'कंजंक्टिवाइटिस को पहले कोविड-19 के लक्षण के रूप में बताया जा चुका है। हालांकि यह एक व्यापक शब्द है, जो आंखों में कई लक्षणों का प्रतिनिधित्व कर सकता है और चूंकि उनमें से कुछ लक्षण कोरोना संक्रमण के दौरान बिल्कुल दिखाई नहीं दिए हैं। ऐसे में इस शब्द का इस्तेमाल सावधानी के साथ किया जाना चाहिए।'
चूंकि कोरोना के सामान्य लक्षणों में बुखार, सूखी खांसी, गले में खरास, थकान, पेट संबंधी संक्रमण, सूंघने और स्वाद की क्षमता का खोना, सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ, आदि समस्याएं शामिल हैं, लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों ने विश्लेषण के आधार पर कोरोना के लक्षणों का क्रम बताया था, जिसके मुताबिक कोरोना से संक्रमित होने वाले व्यक्ति में पहले बुखार, फिर मांसपेशियों में दर्द, खांसी, डायरिया (दस्त) और सिर चकराने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
ठीक हो चुके मरीजों को हो रही ये अजीब सी परेशानी
- हाल ही में ब्रिटेन के मशहूर सर्जन प्रोफेसर निर्मल कुमार ने बताया था कि लंबे समय तक कोरोना से पीड़ित लोगों को मछली की तेज गंध और सल्फर की गंध महसूस हो रही है। इसके अलावा उन्हें ऐसा भी लग रहा है जैसे किसी बीमारी की दुर्गंध आ रही है। इसके अलावा कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें कॉफी से पेट्रोल जैसी बदबू आती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसे लोगों का इलाज चल रहा है और उन्हें 'स्मेल थेरेपी' भी दी जा रही है।