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Coronavirus: कोरोना से ठीक हुए मरीजों का प्रतिरक्षा तंत्र नए स्ट्रेन के खिलाफ भी कारगर, नए अध्ययन में खुलासा

Sun, 24 Jan 2021 09:49 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Sun, 24 Jan 2021 09:49 PM IST
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Coronavirus new study says Immune system of recovered patients of Covid 19 may fight coronavirus variants
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

कोरोना से ठीक होने के बाद विकसित हुई एंटीबॉडी कितने समय तक दोबारा संक्रमण से बचाएगी, इसको लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। हालांकि इसको लेकर लगातार शोध भी चल रहे हैं और नई-नई बातें भी पता चल रही हैं। अब एक नए अध्ययन में यह सामने आया है कि कोरोना के संक्रमण से ठीक हो चुके लोग कम से कम छह महीने या उससे भी अधिक समय तक दोबारा संक्रमण से सुरक्षित रहते हैं। अध्ययन के मुताबिक, संक्रमित होने के बाद लंबे समय तक प्रतिरक्षा तंत्र विकसित होता है और यह वायरस के अन्य स्वरूपों यानी स्ट्रेन, जैसे कि दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन को भी रोक सकता है। 

Coronavirus new study says Immune system of recovered patients of Covid 19 may fight coronavirus variants
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

इस नए अध्ययन को 'नेचर' नामक पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। इसमें कहा गया है कि एंटीबॉडी का निर्माण प्रतिरक्षा कोशिकाओं द्वारा किया जाता है, जो बाद में विकसित होती रहती हैं। अमेरिका के रॉकफेलर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं सहित अन्य वैज्ञानिकों का मानना है कि 'अभी तक का सबसे मजबूत साक्ष्य' पेश करता है कि प्रतिरक्षा तंत्र वायरस को 'याद' रखता है और संक्रमण के खत्म होने के बाद भी एंटीबॉडीज की गुणवत्ता में सुधार करता रहता है। 

Coronavirus new study says Immune system of recovered patients of Covid 19 may fight coronavirus variants
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

वैज्ञानिकों का मानना है कि कोरोना के संक्रमण से ठीक हो चुका व्यक्ति जब दोबारा वायरस के संपर्क में आता है, तो प्रतिरक्षा तंत्र तेजी से और अधिक प्रभावी तरीके से काम करते हुए दोबारा संक्रमित होने से रोकता है। शोधकर्ताओं की टीम में शामिल रॉकफेलर विश्वविद्यालय के माइकल सी नूसेन्जवीग कहते हैं, 'यह वास्तव में उत्साहित करने वाली खबर है। जिस प्रकार की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया हम यहां देख रहे हैं, वह संभावित रूप से कुछ समय तक सुरक्षा प्रदान कर सकती है।' 

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Coronavirus new study says Immune system of recovered patients of Covid 19 may fight coronavirus variants
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

हालांकि कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडीज रक्त के प्लाज्मा में कई हफ्तों या महीनों के लिए रहती हैं, जबकि पहले हुए अध्ययनों से यह दिखाया गया है कि समय के साथ इनका स्तर काफी गिर जाता है। हालांकि इस नए शोध में यह पाया गया है कि हर समय एंटीबॉडीज तैयार करने के बजाय प्रतिरोधी तंत्र एक मेमोरी बी सेल (कोशिका) बनाता है ,जो कोरोना वायरस की पहचान करती है और जब दूसरी बार उसका सामना वायरस से होता है तो तत्काल नए एंटीबॉडीज छोड़ देती है। 

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