कोविड-19 को मुख्यत: हवा से फैलने वाली बीमारी बताने वाली एक रिसर्च स्टडी को दुनियाभर के 40 से अधिक वैज्ञानिकों ने वापस लेने की मांग की है। आम जानकारी है कि कोरोना वायरस का संक्रमण मुख्यत: संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान उसके मुंह से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स से फैलता है। इसके अलावा अगर ये ड्रॉपलेट्स किसी सतह पर पड़ जाए तो वहां से भी संक्रमण फैल सकता है। लेकिन पिछले हफ्ते 'पीएनएस' जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में इसे 'हवा में फैलने वाली बीमारी' बताया गया। इस पर वैज्ञानिकों ने आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने के मांगपत्र पर हस्ताक्षर किया है।
Coronavirus Research: कोरोना को 'हवा में फैलने वाली बीमारी' कहने पर आपत्ति, स्टडी वापस लेने की मांग
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Fri, 19 Jun 2020 02:24 PM IST
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