सर्दी-जुकाम एक ऐसी आम समस्या है जो लगभग हर किसी को कभी न कभी होती ही है। खासकर ठंड के मौसम में ये समस्या और भी आम हो जाती है और चूंकि इस समय पूरी दुनिया में कोरोना महामारी फैली हुई है, ऐसे में काफी ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। आंकड़ों के मुताबिक, दुनियाभर में इस समय कोरोना वायरस से छह करोड़ 68 लाख से भी अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 15 लाख 34 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। आइए जानते हैं कि आखिर बचपन से जिसको सर्दी जुकाम है, उसे कोरोना का कितना खतरा होता है और साथ कोरोना से जुड़े ऐसे ही जरूरी सवालों के जवाब भी विशेषज्ञों से जानने की कोशिश करते हैं।
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Coronavirus: अगर बचपन से सर्दी जुकाम है तो कोरोना का कितना खतरा होता है? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
Sun, 06 Dec 2020 11:54 AM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sun, 06 Dec 2020 11:54 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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बचपन से सर्दी जुकाम है तो कोरोना का कितना खतरा होता है?
- दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की डॉ. तनुजा नेसारी के मुताबिक, 'अगर किसी को इस तरह की समस्या है तो उन्हें कोरोना का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सतर्क रहना है। उन्हें सितोपलादि चूर्ण, मूलेठी, दशमूलारिष्ट आदि आती हैउनका सेवन करना है। रात को जल्दी खाना खा कर सो जाएं और सुबह उठकर योगा, प्राणायाम करें।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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कोरोना और प्रदूषण में आयुर्वेदिक उपचार कितने कारगर हैं?
- डॉ. तनुजा नेसारी बताती हैं, 'आज का जैसा मौसम है, सर्दी भी है और प्रदूषण भी बढ़ा हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि इन औषधियों का सेवन करते रहें, क्योंकि अगर शरीर की इम्यूनिटी पहले से मजबूत है तो कोई भी बीमारी जल्दी नहीं लगेगी। अगर बीमारी होगी तो इम्यूनिटी उससे लड़ लेगी।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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प्रति दिन कोरोना के मामलों की संख्या काफी कम हो गई है, इस पर आप क्या कहेंगे?
- दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'यह जरूर है कि जहां एक महीने पहले तक 90 हजार से अधिक मामले रोजाना आ रहे थे, आज संख्या काफी कम हो गई है, लेकिन हमें यह जानना भी जरूरी है कि अब भी देश के कुछ हिस्से ऐसे हैं, जहां मामले बढ़ रहे हैं। इसलिए हम सभी को सावधानी पहले जैसे ही बरतनी है।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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जिन क्षेत्रों में मामले बढ़ते हैं, वहां बाजारों की क्या भूमिका होती है?
- डॉ. अनुपम प्रकाश बताते हैं, 'चाहे बाजार हों या त्योहार हों, फिर चाहे शादी-विवाह हो, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से हमें बचना चाहिए। बेहतर होगा आप अभी भी सामान ऑनलाइन ही मंगवाएं। आने वाले तीन महीने बहुत निर्णायक होने वाले हैं, क्योंकि हमें नहीं पता है कि ठंड के बढ़ने के साथ-साथ वायरस के व्यवहार में क्या परिवर्तन आएगा। आने वाले तीन महीनों में री-इंफेक्शन की संभावना भी प्रबल हो सकती है।'